आनंदपुर साहिब सीट से पिछली बार प्रत्याशी रही अंबिका सोनी इस बार चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं लेकिन उन्होंने बेटे के लिए इस सीट से टिकट मांगा है। वहीं लुधियाना और आनंदपुर साहिब सीटों पर हिंदू वोटरों और अमृतसर सीट पर सिख वोटरों की संख्या को देखते हुए मंथन हो रहा है। मनप्रीत बादल ने बठिंडा से हरसिमरत बादल के उतरने की स्थिति में अपनी पत्नी के लिए टिकट मांगा है।
उधर, शिअद और आम आदमी पार्टी की परेशानी अलग तरह की है। शिअद अभी तय नहीं कर पाई है कि हरसिमरत कौर बादल को इस बार बठिंडा से चुनाव मैदान में उतारा जाए या उनकी सीट बदलकर फिरोजपुर भेजा जाए। शेर सिंह घुबाया के कांग्रेस में चले जाने से अकाली दल को बठिंडा या फिरोजपुर किसी एक सीट के लिए प्रत्याशी तय करना है।
अकाली दल टकसाली में चले गए पार्टी के दिग्गज दोआबा में शिअद के लिए मुश्किल बने हैं। ऐसा ही हाल आप का है। पिछले चुनाव में पार्टी के खाते में चार लोकसभा सीटें आई थीं लेकिन उनमें से अब सिर्फ एक भगवंत मान ही पार्टी के साथ रह गए हैं। बाकी तीनों सीटों पर आप सांसद पार्टी से किनारा कर गए हैं। पटियाला से आप सांसद धर्मवीर गांधी इस बार अपनी पार्टी पंजाब मंच बनाकर पटियाला से चुनाव लड़ेंगे
हालांकि फतेहगढ़ साहिब से हरजिंदर सिंह खालसा ने दोबारा चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। कांग्रेस से गठबंधन करने में असफल रहने के बाद आप इन दिनों अपनी सारी ताकत अकाली दल टकसाली से गठबंधन करने पर लगा रही है। मामला आनंदपुर साहिब सीट पर अटका था, जहां से टकसाली ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। आप ने भी इस सीट पर नरेंदर सिंह शेरगिल को प्रत्याशी बना लिया है। अब दोनों पार्टियों के बीच बाकी 12 सीटों पर समझौते की बात चल रही है।