चंडीगढ़। कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी में मरीजों की संख्या कम करने के साथ कई विभागों में ओपीडी की सेवा बंद कर दी है। जीएमएसएच-16 में स्वास्थ्य निदेशक की अध्यक्षता में वीरवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या 100 से कम कर दी जाए। इसके साथ उन विभागों की ओपीडी सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है, जिसमें डॉक्टर का मरीज से सीधे तौर पर संपर्क होता है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि पंजीकरण का समय सुबह 7.30 से 10 बजे तक ही रहेगा, लेकिन इसमें हर विभाग में सिर्फ 80 मरीजों का ही पंजीकरण किया जाएगा। उसके बाद आने वाले मरीजों को अगले दिन ओपीडी में बुलाया जाएगा। डॉ. नागपाल ने बताया कि मौजूदा समय में सिर्फ मेडिसिन, हड्डी, सर्जरी और बाल रोग की ओपीडी संचालित की जाएगी। आंख, नाक, कान, गला, दांत और त्वचा रोग की ओपीडी बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस कोविड पर है। ऐसे में अन्य मरीजों को जहां तक हो सके अस्पताल आने से रोकने का प्रयास होगा। क्योंकि अस्पताल में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। वहीं, कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण सामान्य सर्जरी भी बंद कर दी गई है। केवल ट्रॉमा और इमरजेंसी में सर्जरी की जा रही है। डॉ. नागपाल ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुछ हफ्तों के लिए ओपीडी की सेवा बाधित की गई है। स्थिति सामान्य होने पर पूर्व की तरह सभी विभागों की ओपीडी का संचालन किया जाएगा।