एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि जारी किए यह आदेश शनिवार से ही लागू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान शहर में जिम बंद रहेंगे लेकिन सार्वजनिक परिवहन पहले की तरह ही चलते रहेंगे। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्रियां खोली जा सकेंगी और कर्मचारियों के भी काम करने पर कोई पाबंदी नहीं है। शहर में कैब सर्विस भी पहले की ही तरह चलती रहेगी। गांव व कालोनियों में भी दुकानों के खोलने पर पाबंदी रहेगी। हालांकि अनिवार्य सेवाओं से जुड़ी दुकानें जैसे, केमिस्ट शॉप, किराने की दुकानें आदि खोली जा सकेंगी।
शहर में अब तक 11516 लोगों ने बनवाया हेल्थ कार्ड
बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर प्रो. जगतराम ने बताया कि कोविड वार्ड में 148 कोरोना के मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 46 चंडीगढ़ से संबंध रखते हैं जबकि 60 पंजाब से, 16 हरियाणा से, 12 हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते हैं। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉक्टर जी दीवान ने बताया कि शहर में डिजिटल हेल्थ कार्ड लांच करने के बाद से अब तक 11,516 लोगों ने खुद को पंजीकृत कराया है और ऑनलाइन डिजिटल कार्ड प्राप्त किया है। गौरतलब है कि यह सुविधा 2 दिन पहले ही प्रशासन वीपी सिंह बदनौर द्वारा लांच की गई थी।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर में शहर के पार्षद, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन, सभी एनजीओ व समाजसेवियों से आग्रह किया कि वह ऐसे व्यक्तियों की पहचान करें और स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें, जिनमें कोरोन वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे हों। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होगा तो समय पर ऐसे लोगों का इलाज हो सकेगा और संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा। प्रशासन के अधिकारियों को सुझाव दिया कि वह ‘3 डब्ल्यू’ जैसे कि ‘वॉश योर हैंड’, ‘वेयर योर मास्क’, ‘वॉच योर डिस्टेंसिंग’ को लेकर जागरूकता फैलाएं।
प्रशासन के फैसले से व्यापारियों में नाराजगी
देर रात वीकेंड पर लॉकडाउन लगाने और दुकानें बंद करने के फैसले पर शहर के व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन के आदेश से जाहिर होता है कि शहर में कोरोना दुकानदारों की वजह से फैल रहा है और जो भी केस बढ़ रहे हैं, उसके लिए शहर के व्यापारी जिम्मेदार हैं। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि क्या दुकानें बंद करने और लोगों की आवाजाही पर रोक न लगाने से कोरोना के केस का कम हो जाएंगे।
सेक्टर- 23 के व्यापारी नेता मिंटू बजाज, प्रिंस बंसल और परमजीत सिंह का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से पूरा व्यापार चौपट हो गया था। अब जाकर पटरी पर आने लगा था। पहले प्रशासन ने ऑड-ईवन लगाया। उसके बाद वीकेंड लॉकडाउन कर दिया। इस हिसाब से महीने में छोटे व्यापारी की सिर्फ 7 दिन दुकानें खुलेंगी। क्या इन 7 दिनों में व्यापारी अपनी दुकान और जो कर्मचारी काम करते हैं, उनका खर्चा निकल पाएगा।
व्यापार मंडल ने प्रशासन से पहले भी गुहार लगाई थी कि वीकेंड लॉकडाउन ना करें। इसके बावजूद प्रशासन ने व्यापारियों से बिना बात किए दुकानें बंद करने का फैसला ले लिया। यदि दुकानें बंद करने के साथ लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगती तो फैसले की गंभीरता समझ में आती। प्रशासन के इस फैसले से व्यापारी काफी निराश है। इस फैसले के विरोध में आज सेक्टर- 23 में सभी व्यापारी दुकानों के आगे सब्जी बेचेंगे, क्योंकि व्यापारी भले ही शोरूम का खर्च ना निकाल पाए लेकिन वह देश की अर्थव्यवस्था के लिए टैक्स जरूर भरेगा।