कट्टरपंथी अमृतपाल के खिलाफ पंजाब पुलिस का ऑपरेशन जारी है। इस बीच जनहित में पंजाब के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में सभी मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) को 21 मार्च दोपहर 12 बजे तक निलंबित कर दिया गया है। वॉयस कॉल की सुविधा रहेगी। वहीं सभी डोंगल सेवाएं भी बंद रहेंगी। पंजाब के गृह मामलों और न्याय विभाग ने यह आदेश जारी किया है। पंजाब में पिछले दो दिनों से इंटरनेट सेवा बंद है।
क्या बोली पंजाब सरकार
इंटरनेट और एसएमएस सेवा निलंबित करने पर पंजाब सरकार ने कहा है कि समाज के कुछ वर्गों से सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा होने की संभावना है और वे अपनी 'राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों' में व्यापक रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। समाज के कुछ वर्ग राज्य में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और हिंसा भड़काकर सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डाल सकते हैं।
बयान में आगे कहा गया है कि यह संज्ञान आया है कि समाज के ये वर्ग व्यापक रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि का उपयोग करते हैं और भड़काऊ सामग्री और अफवाह फैलाने के लिए लघु संदेश सेवा (एसएमएस) का भी उपयोग करते हैं।
अगर अमृतपाल सिंह गिरफ्तार किया जाएगा तो डीजीपी सूचना देंगे। कुछ बुरी ताकतें हैं लेकिन पुलिस अच्छा काम कर रही है। मैं पंजाब के लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करता हूं। मंत्री बलबीर सिंह, मंत्री पंजाब।
मुक्तसर में अमृतपाल के 11 समर्थक हिरासत में
उधर, मुक्तसर में 'वारिस पंजाब दे' मुखी अमृतपाल सिंह के 11 समर्थकों को जिला पुलिस ने हिरासत में लिया है। बता दें कि पुलिस पिछले दो दिनों से जिले में विभिन्न जगह पर नाके लगाकर हर आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्ति की जांच कर रही है। इस बीच अमृतपाल के 11 समर्थकों को हिरासत में लिया गया है।
इनमें बलकरन सिंह निवासी भलाईआणा (कोटभाई), जुगराज सिंह निवासी कोठे जगरियां वाले साहिब चंद (कोटभाई), लखविंदर सिंह निवासी बुट्टर बखुआ, सतनाम सिंह निवासी समाघ, संदीप सिंह निवासी हुस्नर (गिद्दड़बाहा), हरबंस सिंह निवासी मराड़ कलां, जसविंदर सिंह निवासी थांदेवाला (मुक्तसर), संदीप सिंह निवासी सुखना अबलू (मलोट), लवदीप सिंह, डीसी सिंह खालसा निवासी साहिब चंद, जसवंत सिंह निवासी थांदेवाला का नाम शामिल है।