चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित महिला थाने में न केवल दहेज से जुड़े, बल्कि अन्य सभी तरह के सभी मामले सीधे दर्ज होंगे। पुलिस के आला अफसरों का कहना है कि इस संदर्भ में प्रशासन के पास फाइल भेजी हुई है। जल्द ही थाने में महिलाओं से जुड़े अन्य मामले भी दर्ज हो सकेंगे।
डीआईजी एएस चीमा का कहना है कि महिला थाने खोलने के वक्त ही ये फैसला लिया गया था कि यहां सिर्फ दहेज उत्पीड़न के केस ही लिए जाएंगे। थाने की ज्यूरिडिक्शन की वजह से ये फैसला लिया गया था। अब प्रशासन के पास सभी तरह के मामले सीधे लेने के लिए प्रस्ताव भेजा है। एक दो दिनों में वहां से नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा।
उसके बाद महिला थाने में सभी तरह के केस सीधे महिलाएं दर्ज करा सकेंगी। महिला थाना शहर में 26 अगस्त को खुला था और तब से लेकर अब तक थाने में 25 केस दहेज उत्पीड़न के आए हैं। इसके अलावा एक केस रेप और एक केस महिला से शारीरिक छेड़छाड़ का है।
थाने में तैनात अधिकारियों का कहना है कि शहर में महिला थाने को लेकर जागरूकता नहीं है। लोगों को महिला थाने के बारे में पता ही नहीं है। जिस कारण ज्यादा केस नहीं आ रहे हैं। अभी तक इस थाने में दहेज उत्पीड़न के मामलों के अलावा सिर्फ वही केस आते है जो अफसरों द्वारा मार्क होते हैं।
महिला थाने में तैनात अधिकारियों का कहना है कि लोगों में खासकर महिलाओं में महिला थाने के बारे में जागरूकता भी कम है। विभाग को इस थाने को लेकर शहर में जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए ।
महिला कर्मी कम और पुरुष कर्मी ज्यादा
सेक्टर-17 में नाम से तो महिला थाना है। लेकिन पुरुष कर्मियों के मुकाबले महिला कर्मियों की संख्या लगभग आधी है। थाने में कुल मुलाजिमों की संख्या 65 है। इनमें महिला कर्मचारी सिर्फ 24 हैं। बाकी के सारे पुरुष कर्मचारी हैं। अफसरों का कहना है कि अब नई भर्तियां हो रही हैं, इसके बाद यहां महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी।
क्या कहते हैं आंकड़े
शहर में महिलाओं के साथ होने वाली वारदात की बात करें तो इस साल जनवरी से 30 नवंबर तक लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ के कुल 93 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा दुराचार के 67 केस, दहेज हत्या के चार मामले और लड़कियों की किडनैपिंग और अपहरण के 132 मामले दर्ज हो चुके हैं।