नशे की तस्करी पर लगाम कसने के लिए देश की प्रमुख सुरक्षा एजेंसियां अब एकजुट हो गई हैं। रणनीति भी तैयार कर ली गई है और रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप दी है। बीएसएफ, आर्मी, आईबी, एसआईटी, डीआरआई, कस्टम और एयरफोर्स सहित अन्य एजेंसियों ने इस बाबत अहम बैठक कर संयुक्त रणनीति तैयार की है, जिसकी सीलबंद रिपोर्ट पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पेश की गई है।
ड्रग मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल चेतन मित्तल ने हाईकोर्ट के सामने स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से बीएसएफ के इस महाजाल की जानकारी दी। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद संजीदा है। उसने इस रिपोर्ट को सीलबंद कर रजिस्ट्रार ज्युडीशियल को भेज दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि हरियाणा, हिमाचल व आसपास के राज्यों से ड्रग तस्करी मामले में सामंजस्य स्थापित करने के लिए पंजाब सरकार ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी को नोडल आफिसर नियुक्त किया है। इससे पहले असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ने हाईकोर्ट को बताया कि सभी एजेंसियां मिलकर अब ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। इसकी शुरुआत के तौर पर बीएसएफ की ओर से इन एजेंसियों को साथ लेकर बैठक की जा चुकी है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था आपस में सूचनाएं साझा करना, सूचनाओं के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार करना और इसे अमनी जामा पहनाने के लिए आपस में तालमेल बिठाना। बैठक में सूचनाएं साझा करने और रणनीति बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा के दौरान सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। यह बैठक अब हर तीन माह में होगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार अब सीमा सुरक्षा के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए पूरा खाका तैयार है, जिसके तहत 5 लांग टर्म प्लान बनाए गए हैं और कई अन्य शॉर्ट टर्म।
कितने समय में होगी बॉर्डर तकनीक से सील
हाईकोर्ट को बताया गया कि सर्विलांस के लिए टेक्रोलॉजिक सोल्यूशंस अपनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इसका काम आरंभ हो जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह बेहद संजीदा मुद्दा है और इसके लिए देरी नहीं होनी चाहिए। इसलिए अगली सुनवाई पर केंद्र यह बताए कि कितने समय में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत लेजर से लेकर अन्य नवीनतम तकनीकों से सीमा की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाना है।