नगर निगमों, पालिकाओं व परिषदों के करीब 32 हजार कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण शहरी स्थानीय निकाय विभाग में काम काज प्रभावित हुआ। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के भी अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे। यूनिवर्सिटी, शिक्षा बोर्ड भिवानी, हरियाणा टूरिज्म निगम के पर्यटन केंद्रों, जन स्वास्थ्य, स्वास्थ्य, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभागों में कामकाज ठप रहा।
सरकार की वादाखिलाफी और अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर 50 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी, आशा व मिड डे मील वर्कर हड़ताल पर रहीं। आशा वर्कर सहित नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों ने भी हड़ताल का समर्थन किया।
बिजली निगमों में हड़ताल का ज्यादा असर
हड़ताल का ज्यादा असर बिजली निगमों में रहा। बिजली कर्मचारियों व अधिकारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण सैकड़ों 11 केवी फीडर ब्रेक डाउन रहे। उपभोक्ताओं की बिजली व बिलों संबंधी शिकायतों का निवारण नहीं हो पाया। सब डिवीजन व शिकायत केंद्र सुनसान रहे।
मांगें पूरी न होने पर करेंगे बड़ा आंदोलन: लांबा
सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी, वरिष्ठ उप प्रधान नरेश शास्त्री व उप प्रधान सीलक राम मलिक ने हड़ताल की सफलता का दावा किया है। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि अगर पुरानी पेंशन नीति बहाली, ठेका प्रथा समाप्त कर सभी प्रकार के पार्ट टाइम व अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करना, पंजाब समान वेतन व पेंशन देने सहित बीस जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग मे मानी गई मांगों को लागू नहीं किया गया तो वर्तमान वर्ष में सरकार को कर्मचारियों एवं मजदूरों के तीखे आंदोलन का सामना करना पडे़गा।
केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए बुधवार को दस ट्रेड यूनियनों की ओर से बुलाए ‘भारत बंद’ का पंजाब में व्यापक असर दिखा। पंजाब में कई हाईवे प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिए जबकि कई रूट पर बसें ही नहीं चलीं। चार ट्रेनें रद्द हुईं और कई देरी से चलीं। इस कारण ठंड में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फिरोजपुर में मक्खू से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-54 पर धरना देकर तीन घंटे तक ठप रखा गया। पठानकोट में 110 रूट मिस हुए जिससे रोडवेज को 10 लाख का नुकसान हुआ। इसके अलावा रेल डिवीजन फिरोजपुर की करीब 16 ट्रेनें प्रभावित हुईं। चार पैसेंजर ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। अमृतसर में रेलवे स्टेशन से 200 मीटर की दूरी पर रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक लगभग तीन घंटे तक बाधित किया। लुधियाना में ग्यासपुरा रेलवे फाटक पर लुधियाना-दिल्ली रेल मार्ग पर कुछ देर के लिए प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक पर धरना दिया। इस दौरान एक ट्रेन को कुछ देर वहां रुकना पड़ा। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। वहीं, पनबस और रोडवेज के 65 रूट बंद रहे। पीआरटीसी के 130 में से सिर्फ 65 बसें सड़कों पर चलीं। सरकारी बैंकों के बंद होने के कारण कारोबारियों के लगभग 700 करोड़ की क्लियरिंग नहीं हो पाई है।
फतेहगढ़ साहिब में 250 किसानों ने बुधवार को पटियाला के गांव हसनपुरा सरहिंद-पटियाला मार्ग पर पांच स्थानों पर दो घंटे तक जाम लगाए रखा। अबोहर में पूरे शहर में रोष मार्च निकालते हुए फाजिल्का रोड डीएसपी ऑफिस के सामने करीब एक घंटे तक चक्का जाम किया गया। जालंधर में बंद के चलते बस स्टैंड पर पूरा दिन यातायात ठप रहा। बटाला में शहर में रोष मार्च निकालने के बाद गांधी चौक में चक्का जाम किया गया। करीब तीन घंटे तक ट्रैफिक बाधित रहा।
संगरूर के सुनाम में पटियाला-बठिंडा मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित करके धरना लगाया गया। बठिंडा में बठिंडा-मानसा नेशनल हाईवे पर जाम लगा रोष मार्च निकाला गया। फरीदकोट में सरकारी बैंकों, डाकघर, एलआईसी, बिजली बोर्ड, नगर काउंसिल समेत कुछ विभागों में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से कामकाज प्रभावित रहा।