पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्टाफ के उचित प्रयोग और बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए शिक्षामंत्री अरुणा चौधरी ने सभी टीचरों और मुलाजिमों के डेपुटेशन रद्द कर दिए हैं।
चौधरी ने कहा कि टीचरों केअस्थायी प्रबंधों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। यह बहुत गंभीर मामला था। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सारे डेपुटेशन रद्द कर टीचरों को उनकी नियुक्ति वाले स्कूल में भेजें।
स्कूल प्रिंसिपल से कहा गया है कि वे अपने स्तर पर स्टाफ का वेतन निकलवाते और बांटते समय यह यकीनी बनाएंगे कि यहां कोई भी मुलाजिम डेपुटेशन पर नहीं गया है। अगर कोई भी लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी प्रिंसिपल की होगी।
चौधरी ने कहा कि उनके ध्यान में आया है कि कई टीचर और मुलाजिम डेपुटेशन पर चल रहे हैं, जिस कारण उनकी नियुक्ति वाले स्कूल में पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अगर बहुत जरूरी स्थिति में टीचर को डेपुटेशन पर भेजना हो तो डीपीआई की मंजूरी लेनी जरूरी होगी।