पंजाब सरकार ने अगले आदेश तक प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं निरस्त करने का फैसला लिया है। साथ ही स्वास्थ्य संस्थाओं में सभी बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए हैं। मेडिकल कालेजों में आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी। यह फैसला सरकार ने राज्य में बढ़ती संक्रमण दर को देखते हुए लिया है।
ऑक्सीजन की उपलब्धता और अन्य जरूरतों की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को आयोजित बैठक के दौरान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओपी सोनी ने अधिकारियों को ऑक्सीजन और किसी अन्य चिकित्सा संबंधी सप्लाई में कोई भी रुकावट आने की सूरत में तुरंत कार्रवाई करने की हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि अगर ऑक्सीजन की कमी के बारे में कोई रिपोर्ट आती है, तो वह तुरंत इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दें, जिससे इससे निपटने संबंधी कदम उठाए जा सकें। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने में कोई कसर बाकी न छोड़ने संबंधी वचनबद्धता को दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रमुख सचिव को कोविड मरीजों के लिए एडवांस्ड कैंसर सेंटर, बठिंडा में 75 बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में बेडों की मौजूदा संख्या की अपेक्षा और 900 बेडों का विस्तार करने के लिए कहा गया है। राज्य में ऑक्सीजन टैंकर और उत्पादन प्लांट लगाने के काम में तेजी लाई गई है। उन्होंने लीकेज या दबाव पर कंट्रोल रखने के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई, उपलब्धता और प्रयोग का बाकायदा ऑडिट करने के आदेश भी दिए। बैठक में सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट के प्रिंसिपल और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट भी शामिल थे।