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ये लक्ष्ण देखें, कहीं आपको इबोला का संक्रमण तो नहीं?

Sun, 10 Aug 2014 10:09 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पश्चिमी अफ्रीकी देशों में फैले इबोला वायरस को देखते हुए भारत में भी अलर्ट कर दिया गया। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को गाइडलाइंस भेजकर तैयार रहने को कहा गया है।
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राहत की बात यह है कि भारत में अब तक कोई भी केस सामने नहीं आया है। चंडीगढ़ में लाइबेरिया, गुएना और नाइजीरिया के छात्र पढ़ने और घूमने आते हैं। ऐसे में इस वायरस का खतरा यहां भी महसूस किया जा रहा है।

असिस्टेंट डायरेक्टर मलेरिया का कार्यवाहक पद संभाल रहे डा. अनिल गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को ही मंत्रालय की ओर से गाइडलाइंस भेजी गईं हैं।

न कोई ट्रीटमेंट है और न ही कोई वैक्सीन

जरूरी गाइडलाइंस के मुताबिक कामकाज का एक रोडमैप तैयार कर लिया जाएगा। फिलहाल इसका कोई ट्रीटमेंट और न ही वैक्सीन है। इसका एक ही बचाव है कि संक्रमित व्यक्ति से दूर रहे। यह वायरस डायरेक्ट ट्रांसफर नहीं होता है।

मसलन खांसी व पानी से नहीं फैलता बल्कि खून, मल व पसीने के संपर्क में आने से आता है। उन्होंने दावा किया कि चंडीगढ़ में फिलहाल कोई भी पाजिटिव केस नहीं मिला है।

डा. अनिल ने बताया कि एयरपोर्ट पर फिलहाल स्क्रीनिंग की जरूरत नहीं है। इंटरनेशनल फ्लाइट का यहां पर आवागमन नहीं है। यदि भारत में इबोला की कोई आहत मिलती है तो उसके बाद तैयारी की जाएगी।

यदि ये लक्षण तो कराएं टेस्ट

यदि कोई व्यक्ति अफ्रीकी देश से आया है या फिर वहां के किसी नागरिक के संपर्क में रहा है और उसे उल्टी-दस्त, बुखार, सिरदर्द, आंखें लाल होने और गले में कफ की शिकायत नजर आती है तो वह तुरंत ब्लड सैंपल चेक कराए।

इसके लिए आईजीएम एलाइजा टेस्ट, वायरस आइसोलेशन और पीसीआर टेस्ट कराएं जाते हैं। चंडीगढ़ में इस टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए हेल्थ वर्करों को भी सतर्क होने की जरूरत है।

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क्या है इबोला वायरस

विशेषज्ञों के मुताबिक इबोला एक खतरनाक व जानलेवा वायरस है। वायरस संक्रमित होने के बाद व्यक्ति की मौत की आशंका 90 फीसदी तक होती है। अब तक इस पर कोई एंटी बायोटिक कारगर नहीं है और न ही इलाज के बाद बीमारी असर कम होता देखा गया है।

ये हैं लक्षण
दस्त, उल्टी और ब्लीडिंग है। इबोला संक्रमित लोगों की चमड़ी गलने लगती है। कुछ दिन बाद ऐसी स्थिति आती है कि हाथ, पैर के साथ-साथ पूरा शरीर गल जाता है।

ऐसे फैलता है संक्रमण
इबोला वायरस किसी संक्रमित व्यक्ति के खून, मल या पसीने से सीधे संपर्क में आने से फैलता है। यह वायरस यौन संपर्क और वायरस वाली डेड बाडी को गलत तरीके से डिस्पोज करने से भी फैल सकता है।
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