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रेस्टोरेंट पब और होटलों में नहीं छलकेंगे जाम, हॉस्पिटेलिटी बिजनेस होगा प्रभावित

Sat, 01 Apr 2017 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शराब सर्व नहीं होगी
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होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार और डिस्को को राहत मिलने की आखिरी उम्मीद भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने खत्म कर दी। शनिवार से मध्य और दक्षिण मार्ग पर पड़ने वाले शराब के ठेकों, होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार और डिस्कोथेक में पर शराब सर्व नहीं होगी। यह आदेश चंडीगढ़ की होटल-रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को जबरदस्त तरीके से प्रभावित करेगा।  चंडीगढ़ के 95 प्रतिशत होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार और डिस्को इसके दायरे में आ गए हैं।
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ये दोनों मार्ग पूरे शहर की होटल इंडस्ट्री के साथ नाइट लाइफ के डिस्कोथेक, पब और बार कवर कर लेते हैं। इन दोनों मार्गों पर पड़ने वाले 23 ठेके भी नहीं खुलेंगे। इसका असर रोजगार पर पड़ सकता है। उधर होटल व्यवसायियों का कहना है कि वे सड़क पर उतर कर इस फैसले का विरोध करेंगे। 

नेशनल हाईवे दक्षिण मार्ग
जीरकपुर से ट्रिब्यून चौक होते हुए सेक्टर-34-35 के बीच से पंजाब जाने वाली सड़क नेशनल हाईवे में आती है। जेडब्ल्यू मेरियट तक इसे दक्षिण मार्ग भी कहते हैं। इस मार्ग पर ऑलटिस, टर्कवायस, जेडब्ल्यू मेरियट, मेट्रो, वेस्टर्न कोर्ट, ट्यूलिप, द फर्स्ट, हिमानी, पैडर्ल्स जैसे कई दूसरे होटल-रेस्टोरेंट और बार आते हैं। इन सभी जगह शनिवार से कहीं शराब सर्व नहीं हो सकेगी।
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स्टेट हाईवे मध्य मार्ग
चंडीगढ़ का यह मुख्य मार्ग पंचकूला बॉर्डर से मुल्लांपुर को जोड़ता है। इस मार्ग पर पड़ने वाले 26, 7, 8, 9 और 17 सेक्टर में होटल ताज, प्रेजिडेंट, मियामी, क्यूब 9, ताव, सतवा, वेडा-26, कैफिना, तमजारा, किंगडम ऑफ बियर, द ग्रेट बियर, एफ बार, स्कॉर, जंक यार्ड, मिनिस्ट्री ऑफ बार एक्सचेंज और पारा जैसे होटल-रेस्टोरेंट, पब, बार और डिस्कोथेक पड़ते हैं।

छोटे होटल-रेस्टोरेंट को फायदा
500 मीटर की परिधि से बाहर रहने वाले छोटे होटल और रेस्टोरेंट को फायदा होगा। बड़े होटलों का कस्टमर छोटे में शिफ्ट हो सकता है। सिटको के होटल शिवालिक व्यू और माउंट व्यू को भी इससे फायदा मिलेगा।
 
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चालाकी का खामियाजा है होटल-रेस्टोरेंट में शराब बंदी

होटल-रेस्टोरेंट में शराब बंदी
हाईवे पर बने शराब के ठेकों और बिक्री के खिलाफ लड़ाई छेड़ने वाले एराइव सेफ एनजीओ के फाउंडर हरमन सिद्धु ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। सिद्धु ने कहा कि पहले चंडीगढ़ ने डी-नोटिफिकेशन करके पूरे देश में गलत उदाहरण पेश किया। जिसके बाद राजस्थान जैसे राज्यों ने भी इसे अपनाया। इसके बाद कई राज्यों ने खेल करते हुए अपने होटल रेस्टोरेंट में बार को ठेकों वाला लाइसेंस भी दे दिया।

जिससे वह शराब सर्व करने के साथ बंद बोतल भी बेच सकते थे। न्यायालय के आदेशों को नहीं मानने के लिए कई दूसरे रास्ते निकाल लिए गए। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 500 मीटर दायरे में होटल-रेस्टोरेंट, पब, बार, डिस्को में भी शराब सर्व करने पर रोक लगा दी। चालाकी का खामियाजा ऐसा ही होता है। ठेकों के मामले में सभी सरकारें इतनी तेजी से दिमागी घोड़े दौड़ा रही थी जो आज तक शायद कभी किसी काम के लिए नहीं हुआ होगा।

टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री देश की सबसे बड़ी रोजगार उपलब्ध करवाने वाली इंडस्ट्री है। इस इंडस्ट्री में शराब का बड़ा अहम रोल है। शराब बंद होने से इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित होगी। हजारों लोगों का रोजगार संकट में पड़ गया है। बेरोजगारी बढ़ जाएगी। चंडीगढ़ पर इसकी सबसे बड़ी मार पड़ेगी। अभी उन्हें कोर्ट का ऑर्डर नहीं मिला है। उसे पढ़ने के बाद ही आगे की कुछ सोची जा सकती है।
अंकित गुप्ता, प्रेजिडेंट, चंडीगढ़ हॉस्पिटेलिटी एसोसिएशन।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का व्यापार पर काफी नकारात्मक असर पड़ेगा। कई युवाओं को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। अभी रात में इस पर सभी होटल मालिकों के साथ आपातकालीन मीटिंग कर रहे हैं। आदेश हमारे खिलाफ आया तो कल इसके विरोध में प्रोटेस्ट किया जाएगा।
- अरविंदर सिंह, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ होटल एसोसिएशन
हम लगातार एक्साइज विभाग के संपर्क में हैं। अभी तक हमारे पास डिपार्टमेंट से कोई लिखित आदेश नहीं आया है। शायद सुबह तक कोई आदेश आए। इसके बाद आदेश के अनुसार उसका पालन किया जाएगा।
- सुरेंद्र सिंह, जीएम, होटल ताज
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