मोहाली की अकाली सियासत में चल रही तमाम अकटलों पर विराम लगाते हुए बुधवार को सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को हलका इंचार्ज बना दिया गया। बलवंत सिंह रामूवालिया के यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद पार्टी को अलविदा कह दिया था। इसके बाद से यह पद खाली था।
चंदूमाजरा को हलका इंचार्ज बनाने की घोषणा पूरे अकाली दल के लिए चौकाने वाली रही। दरअसल, चंदूमाजरा ने शहर के अकाली पार्षदों, पदाधिकारियों और अन्य नेताओं की बैठक चश्मेशाही रिसॉर्ट में बुलाई थी। वहां पहुंचे तमाम नेताओं को जरा भी इल्म नहीं था कि बैठक में क्या एलान होने वाला है।
कई नेताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए एकजुटता बनाए रखने की बात कही। आखिर में जिला जत्थेदार उजागर सिंह बडाली ने मंच संभाला। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रधान और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने उन्हें फोन करके यह संदेश देने को कहा है कि मोहाली हलके की सेवा प्रो. चंदूमाजरा करेंगे।
एकाएक चंदूमाजरा के एलान के साथ कई नेता सन्न रह गए। हलका इंचार्ज की दावेदार परमजीत कौर लांडरां भी हैरान थीं। उन्होंने कहा कि वह मीटिंग में पार्टी वर्करों का मनोबल बढ़ाने आईं थीं। पर यह एलान हैरानीजनक था। अगर, पार्टी सुप्रीमो का यही आदेश है तो सबको इसका सम्मान करना चाहिए।
वहीं, एलान के साथ चंदूमाजरा समर्थकों ने जयकारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद प्रो. चंदूमाजरा ने बैठक को संबोधित किया। उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सभी वार्डों में विकास कार्य करवाए जाएंगे।
चंदूमाजरा या चंदूमाजरा परिवार को मिली जिम्मेदारी
शाम को सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा की ओर से प्रेस बयान जारी किया गया। इसने सियासी हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गईं। बयान में कहा गया था कि डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने हलके की सेवा चंदूमाजरा परिवार को सौंपी है।
बयान में दोनों बार चंदूमाजरा परिवार का ही जिक्र किया गया था। गौरतलब है कि सांसद चंदूमाजरा इस पद के लिए अपने बेटे हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा के लिए लॉबिंग कर रहे थे। माना जा रहा है कि आने वाले समय में हरिंदर पाल ही हलके के बागडोर संभालेंगे। चंदूमाजरा के प्रेस बयान से भी यही संकेत मिले हैं।
पहली बार सांसद को बनाया हलका इंचार्ज: अकाली दल ने पहली बार किसी सांसद को हलका इंचार्ज बनाया है। पार्टी की परंपरा के मुताबिक हलका इंचार्ज या तो मौजूदा विधायक होता है या विधानसभा चुनाव में हारा उम्मीदवार। वहीं, अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी का संभावित उम्मीदवार भी होता है। लेकिन, पार्टी ने पहली बार सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को हलका इंचार्ज नियुक्त किया।
रूठों को मनाएंगे: चंदूमाजरा
हलका इंचार्ज बनने के बाद सांसद प्रो. चंदूमाजरा ने कहा कि नाराज होकर पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को मना कर वापस लाना उनकी प्राथमिकता होगी। पहले जो हालात रहे हैं वे सभी को पता हैं, उन पर चर्चा करने से कोई फायदा नहीं। लेकिन जो लोग किसी एक व्यक्ति से मतभेद के चलते पार्टी छोड़ कर चले गए थे, उन्हें वापस लाया जाएगा।
गठबंधन पार्षदों के वार्डों में विकास कार्य में पक्षपात नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सभी अकाली पार्षदों से कहा कि वे अपने बकाया कामों की लिस्ट दें। जल्द ही डिप्टी सीएम के साथ मीटिंग भी करवाई जाएगी।
निगम की सियासत में बदलेंगे समीकरण
प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा की मीटिंग के दौरान नगर निगम के सियासी समीकरण बदलने के भी संकेत नजर आए। मीटिंग के दौरान डिप्टी मेयर मनजीत सेठी, पार्षद हरविंदर कौर लंग के पति मनमोहन सिंह लंग और आजाद ग्रुप के पार्षद अमरीक सिंह तहसीलदार भी मौजूद थे।
ये तीनों नेता बलवंत सिंह रामूवालिया से नाराज होकर पार्टी छोड़ कर गए थे। इस समय शिअद-भाजपा के 23 पार्षद हैं। अगर ये तीनों पार्टी में लौट आते हैं तो गठबंधन के 26 पार्षद हो जाएंगे, जोकि निगम पर काबिज होने के लिए जरूरी हैं।
हालांकि, डिप्टी मेयर मनजीत सेठी ने ऐसी संभावनाओं को नकारते हुए कहा कि वे सिर्फ प्रो. चंदूमाजरा के निमंत्रण का सम्मान करते हुए यहां आए हैं। उनका आजाद ग्रुप और कांग्रेस के साथ गठबंधन अटूट है।