लोकसभा चुनाव के बाद सरकार की कारगुजारी पर भाजपाइयों के बयान की अकालियों ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है।
शिअद महासचिव सुखदेव सिंह ढींढसा और बलविंदर सिंह भूंदड़ ने इसे अनावश्यक और गठबंधन धर्म का उल्लंघन करार दिया है। दोनों नेताओं ने कहा कि ये आरोप लंबे समय से चले आ रहे अकाली-भाजपा गठबंधन की भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि चूंकि दोनों पार्टियों का रिश्ता राजनीतिक न होकर दिलों की सांझ का है और दोनों पार्टियों केलिए सांझा प्लेटफार्म है, जहां नीतियों और सरकारी फैसलों पर खुलकर विचार किया जा सकता है। सार्वजनिक तौर पर कीचड़ उछालना गलत है। भाजपा नेताओं को जिम्मेदारी से बर्ताव करते हुए ऐसी बयानबाजी नहीं करनी चाहिए जिससे दोनों पार्टियों केसीनियर नेताओं को निराशा का सामना करना पड़े।
ढींढसा और भूंदड़ ने कहा कि पंजाब भाजपा नेताओं ने प्रॉपर्टी टैक्स और माइनिंग का मुद्दा उठाया है, पर दोनों ही विभाग भाजपा के कोटे में हैं। दोनों भाजपा मंत्री बिना किसी दबाव के काम कर रहे हैं।
ऐसे में इनके लिए अकाली दल पर आरोप लगाना गलत है। रेत खनन संबंधी उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल और पूर्व उद्योग मंत्री अनिल जोशी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है और सिफारिशों को पूरी तरह स्वीकृत किया गया है। केंद्र मे एनडीए की सरकार बनने से जल्द वातावरण क्लियरेंस की समस्या भी हल हो जाएगी।
इसी तरह प्रॉपर्टी टैक्स का फैसला भाजपा और कैबिनेट मंत्रियों की सहमति से लिया गया था। दोनों नेताओं ने पंजाब वे केंद्र की भाजपा लीडरशिप से अपील की कि प्रदेश के नेताओं को बयानबाजी करने से रोकें।