अकाली नेताओं में दिखा मनभेद
अकाल तख्त साहिब के आदेशों के बावजूद अकाली नेताओं में एक-दूसरे के खिलाफ मनभेद देखा गया। सुखबीर और सुखदेव सिंह ढींडसा ने द्वारपाल की सेवा निभाई, लेकिन एक-दूसरे को सतश्री अकाल नहीं कहा। इसी तरह श्री गुरु अर्जुन देव यात्री निवास के वाशरूम की सेवा के दौरान प्रेम सिंह चंदूमाजरा और कई नेताओं का आमना-सामना भी हुआ, लेकिन किसी ने एक दूसरे से बात नहीं की। डाॅ. चीमा व चंदूमाजरा ने बात नहीं की।
अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने धार्मिक सजा के ताैर पर स्वर्ण मंदिर में बर्तन धोए। उनके अलावा बीबी जागीर कौर ने भी शौचालयों में सफाई की। उन्हें धार्मिक सजा के तौर पर शौचालय की सफाई करने की सजा मिली है।