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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर फिर मुखर हुआ अकाली दल, मांग- मुस्लिमों को भी करें शामिल

Sat, 01 Feb 2020 11:41 AM IST
खुशबू गोयल सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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फाइल फोटो
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दिल्ली चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच बेशक दोबारा गठबंधन हो गया हो, लेकिन सीएए को लेकर दोनों के बीच दरार अभी है। अकाली दल के नेता और राज्यसभा सदस्य बलविंदर सिंह भूंदड़ ने ऑल पार्टी मीटिंग में आवाज उठाई है कि केंद्र सरकार कोई ऐसा कानून पास न करे, जिससे समाज बंटे।
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अकाली दल ने अपना दोबारा स्टैंड जाहिर किया है कि वह सीएए के पक्ष में है, लेकिन इसमें मुस्लिम समुदाय को भी लिया जाए। भूंदड़ ने पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक में कहा कि केंद्र सरकार को कोई ऐसा कानून पास नहीं करना चाहिए जो देश के बाशिंदों को दर्द दे या फिर अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो।

अकाली दल ने लोकसभा में सीएए का समर्थन किया था लेकिन बाद में अल्पसंख्यकों का रोष देखकर पार्टी ने स्टैंड ले लिया कि अकाली दल सीएए का समर्थन तो करता है लेकिन इसमें मुस्लिमों को भी शामिल किया जाए। पार्टी की तरफ से तीखी बयानबाजी के बाद भाजपा और शिअद में खटास बढ़ गई थी।
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दिल्ली में टिकट वितरण के दौरान अकाली दल को आठ सीट न दिए जाने से अकाली दल के सुखबीर बादल ने भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था। दो दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रधान जेपी नड्डा और सुखबीर बादल के बीच ढाई घंटे बैठक चली, जिसमें सीएए को लेकर भी चर्चा हुई थी।

दोनों में दोबारा गठबंधन हो गया था और अकाली दल ने घोषणा की थी कि वह भाजपा को समर्थन देंगे। अभी समर्थन को 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि भूंदड़ ने आल पार्टी मीटिंग में सीएए में मुस्लिम लोगों को शामिल करने की मांग कर भाजपा को दोबारा कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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