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पंजाब विधानसभा में गर्माया कमलनाथ का मुद्दा, अकाली दल ने कांग्रेस को घेरा

Fri, 14 Dec 2018 09:55 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुखबीर सिंह बादल
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सीनियर कांग्रेस नेता कमल नाथ को मध्य प्रदेश का सीएम बनाने का मुद्दा पंजाब विधानसभा में गर्माया। अकाली दल ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की, हंगामे के बाद वाकआउट किया। वहीं, सीएम समेत कई नेताओं ने पलटवार किया। बिक्रम मजीठिया ने कमलनाथ को सीएम बनाने का विरोध शुरू किया। ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि किसी भी एफआईआर में कमलनाथ का नाम नहीं है। 

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अकालियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। मोहिंद्रा ने कहा कि वह आठ बार सांसद, तीन बार केंद्रीय मंत्री बने, कभी यह बात नहीं आई। उनके मोबाइल में प्रकाश सिंह बादल द्वारा कमलनाथ को गुलदस्ता देने की तस्वीर है। जिसमें वह कह रहे हैं कि 1984 के कत्लेआम में कमलनाथ का हाथ नहीं है। 1984 के बाद पांच गैर कांग्रेसी सरकारें आईं, जिनमें शिअद साझेदार था, तब क्यों नहीं कार्रवाई करवाई। 

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राणा गुरमीत सोढी ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी किताब में लिखा है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के लिए भाजपा ने कांग्रेस को मजबूर किया, क्रेडिट उनकी पार्टी को मिलना चाहिए। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि देश में कानून है, सब उसके मुताबिक चलते हैं, आरोप तो किसी पर भी लग जाते हैं। कमलनाथ का मामला भी कानून को देखने दो।

 नानावटी आयोग की रिपोर्ट में एक जिक्र आने से उन्हें दोषी करार नहीं दिया जा सकता। सुखबीर बादल ने कहा कि कत्लेआम के एक दोषी को अभी फांसी और उम्रकैद की सजा हुई है। यह मामला डेढ़ साल बाद दर्ज हुआ था, फिर सीबीआई के पास गया और बंद हो गया। पांच बार यह केस बंद हुआ था।

हमारी मांग पर पीएम नरेंद्र मोदी ने एसआईटी बनाई, एक साल जांच और एक साल फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद फैसला आया है। इस मुद्दे को लेकर अकाली वेल में आ गए, नारेबाजी करने लगे और वाकआउट कर दिया।

कुर्की और कमलनाथ के सवालों से भागी कांग्रेस
 शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने शीतकालीन सत्र एक दिन में समेटने पर सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की कुर्की और कमलनाथ को गांधी परिवार के समर्थन जैसे मसलों के जवाब देने से भाग रही है। सुखबीर ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार शीतकालीन सत्र एक दिन का हुआ होगा।

सत्र लोगों और हलकों के मुद्दे उठान के लिए होता है। सरकार कह रही है कि हमने कुछ नहीं किया। कोई फैसला ही नहीं लिया, दो साल तक कोई काम नहीं किया। गन्ने का चार सौ करोड़ बकाया है। 
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