कृषि अध्यादेश के विरोध में गुरुवार देर शाम को हरसिमरत कौर बादल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उनके संसदीय क्षेत्र के मिलीजुली प्रतिक्रियाएं रहीं। अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने जहां इस्तीफे का स्वागत किया, वहीं कांग्रेसियों ने राजनीतिक चाल बताया।
तीनों अध्यादेश किसानों को सुरक्षा और स्वतंत्रता देने वाले हैं। यदि हरसिमरत कौर बादल ने इस मामले में कोई निर्णय लिया है तो वह उनका निर्णय है। हालांकि इससे पहले कई बार कृषि अध्यादेश के पक्ष में केंद्रीय मंत्री बयान दे चुकी हैं। - अश्वनी शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, पंजाब भाजपा।
राजनीतिक ड्रामा: जोहल
कांग्रेसी नेता एवं वित्त मंत्री के रिश्तेदार जयजीत सिंह जोहल ने कहा कि प्रदेश में अपनी विश्वासनीयता खो चुका अकाली दल अब केंद्रीय मंत्री से इस्तीफा दिलाकर सोची समझी साजिश के तहत राजनीतिक चाल चल रहा है। यह चाल चलने में भी अकाली दल ने देरी कर दी। अगर तब केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल अपने मंत्री पद से इस्तीफा देती और किसानों के हक में अवाज बुलंद करती तो प्रदेश के किसान समेत सब लोग इस्तीफे का स्वागत करते।