शिरोमणि अकाली दल ने पार्टी संगठन के पुनर्गठन का काम इस महीने तक मुकम्मल करने का फैसला किया है। साथ ही पार्टी ने कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राज्य के 15 जिलों में रोष प्रदर्शन और धरना देने की भी घोषणा की है। इस संबंध में फैसला मंगलवार को विधायकों, हलका सेवादारों, जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की मीटिंग में लिया गया। मीटिंग की अध्यक्षता शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने की। सुखबीर ने कहा कि जिस तरीके से प्रशासन तहस नहस हो चुका है, विकास रुक गया है।
घरेलू और औद्योगिक बिजली के दाम बढ़ा दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था खस्ता है, उससे लगता है कि पंजाब में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। अकाली दल अपने रोष धरनों के जरिये लोगों को लामबंद करेगा और सरकार को किसानों, नौजवानों और समाज के गरीब वर्गों से किए वादे पूरे करने के लिए मजबूर करेगा। मीटिंग की जानकारी देते हुए पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि यह निर्णय किया गया है कि पार्टी डेलीगेट्स सर्कल और जिला इकाईयों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर देंगे और एक महीने के भीतर ही इसे मुकम्मल कर देंगे।
उन्होने कहा कि यह भी फैसला किया गया है कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ रोष धरना आंदोलन को तेज किया जाएगा और पार्टी ने 15 जिला स्तरीय धरनों के लिए तारीखों का चयन कर लिया है। यह धरने 13 फरवरी को अमृतसर से शुरू होंगे और 11 अप्रैल को मोहाली में सम्पन्न होंगे। उन्होने बताया कि शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सभी रोष धरनों की अध्यक्षता करेंगे और इन धरनों में वरिष्ठ नेता भी भाग लेंगे।
धरना प्रदर्शन के कार्यक्रम का एलान
डॉ. चीमा ने बताया कि 13 फरवरी को अमृतसर से रोष धरनों की श्रंखला शुरू की जाएगी। 25 फरवरी को फिरोजपुर, 29 फरवरी को बठिंडा, 4 मार्च को तरनतारन में, 7 मार्च को मानसा, 9 मार्च को श्री आनंदपुर साहिब (होला मोहल्ला), 10 मार्च को फाजिल्का, 14 मार्च को होशियारपुर, 15 मार्च को लुधियाना, 18 मार्च को कपूरथला, 21 मार्च को फतेहगढ़ साहिब, 23 मार्च को नवांशहर, 28 मार्च को पठानकोट, 29 मार्च को जालंधर, 4 अप्रैल को गुरदासपुर, 11 अप्रैल को मोहाली में रोष धरने दिए जाएंगे।