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चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा से अकाली दल और आप का वाकआउट, बाहर किया विरोध प्रदर्शन

Wed, 26 Feb 2020 09:01 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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आप विधायकों ने किया वाकआउट - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा में बुधवार को अकाली दल और आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर सदन से वाकआउट किया। अकाली दल ने जहां सरकार पर वादाखिलाफी और नशामुक्ति केंद्रों से गायब हुई दवाओं को घोटाला करार देते हुए वाकआउट किया, वहीं आम आदमी पार्टी ने शराब माफिया के मुद्दे पर स्पीकर को सौंपा गया बिल अस्वीकार होने के विरोध में वाकआउट किया।

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बुधवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अकाली दल ने नशामुक्ति केंद्रों से गायब हुई दवाओं का मुद्दा उठाया, अकाली दल ने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि वे बताएं कि करोड़ों रुपये की दवाएं कैसे गायब हुई और सरकार ने इस संबंध में अब तक क्या कार्रवाई की है। स्वास्थ्य मंत्री ने किसी तरह के घोटाले से इंकार किया, जिस पर असहमति जताते हुए पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट के अधीन मामला दर्ज करने की मांग उठाई। 

इस पर भी जब स्वास्थ्य मंत्री का जवाब उन्हें असंतोषजनक लगा तो अकाली दल के विधायक वेल तक पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए कुछ देर बाद सदन से वाकआउट कर गए। सदन में यही नजारा शाम के समय भी दिखाई दिया जब मुख्यमंत्री द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया गया। इस पर विपक्ष को सवाल पूछने का मौका नहीं मिलने पर, विरोध स्वरूप अकाली दल और आप के सदस्य सदन से वाकआउट कर गए।

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अकाली दल का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
शराब माफिया के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर निशाना साधा। आप विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि शराब माफिया के चलते सरकार को, जो रेवेन्यू 55 हजार करोड़ रुपये तक मिलना चाहिए, वह मात्र 10 हजार करोड़ ही मिल पा रहा है। सदन में उन्होंने मांग की कि सरकार इसके लिए विशेष कमेटी का गठन करे, जिसमें विपक्षी सदस्यों को भी शामिल किया जाए। 

उन्होंने शराब मीफिया की नकेल कसने के लिए पंजाब में शराब कारपोरेशन सिस्टम लागू करने की मांग करते हुए स्पीकर से अपने बिल संबंधी जानकारी चाही, लेकिन यह बिल सदन पटल पर नहीं आने की जानकारी पाकर उन्होंने आरोप लगाया कि नियम सही होने के बावजूद उनके बिल को रिजेक्ट किया गया है। इस पर अरोड़ा के साथ आप के बाकी विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी और कुछ देर बाद वाकआउट कर गए।

अकाली दल ने विधानसभा के बाहर किया प्रदर्शन
सदन के वाकआउट के बाद अकाली दल के सदस्यों ने विधानसभा परिसर में धरना लगा दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में पार्टी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ नारेबाजी की। अकाली दल के नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार किसी भी वादे को पूरा नहीं कर पाई है।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो चुनावी घोषणापत्र जारी किया था, वह आज चोर घोषणापत्र बनकर रह गया है। वादे तो जनता से किए गए लेकिन अब उन्हें पूरा नहीं किया गया। मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गुटका साहिब की कसम खाकर नशे को खत्म करने का बीड़ा उठाया था, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर पाई। वहीं, कैप्टन 11 लाख नौजवानों नौकरी देने के झूठे बयान दे रहे हैं, जबकि पंजाब का युवा आज भी नौकरी के लिए भटक रहा है।

नशा तस्कर और गैंगस्टर खुलेआम घूम रहे हैं लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि हम सरकार से जवाब मांग रहे हैं। मजीठिया ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि पंजाब के नशामुक्ति केंद्रों के लिए जनवरी 2019 और नवंबर 2019 में लगभग पांच करोड़ यूपरिनेफरिन की गोलियां जारी की गई थी लेकिन वे वहां पहुंची ही नहीं।

इनमें से केवल तीन करोड़ गोलियां ही केंद्रों तक पहुंची। उन्होंने कहा कि उनके विधायक डॉ. सुखविंदर सिंह सुखी ने मंगलवार को यह मामला उठाया था। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इस मामले में लगभग 200 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री दवा कंपनियों के साथ मिले हुए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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