इस दौरान डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सिख इतिहास को दूसरी बार नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश रची जा रही है। लुधियाना में रेलवे ट्रैक के पास हुए एक समागम में कांग्रेसी विधायक की तरफ से मुख्य मेहमान के तौर पर की गई शिरकत पर डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने अमृतसर हादसे के बाद भी सबक नहीं लिया और लुधियाना में कांग्रेस विधायक ने इसी तरह का एक कार्यक्रम फिर करवा दिया।
पंजाब योजना बोर्ड की उप-चेयरपर्सन राजिंदर कौर भट्ठल ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने अपनी पार्टी से इस्तीफा देने की बात कही है, ऐसा करके वह सूबे के लोगों को मूर्ख बनाना चाहते हैं। उनका इस्तीफा एक कागजी बम है जिसमें कुछ नहीं है। सुखबीर को बेअदबी मामले में पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। पंजाब का सब कुछ लुटाकर और बेअदबी करवाकर इस्तीफे देने की बात कर रहे हैं जबकि अकाली दल की सरकार के समय यह मामला हुआ और दोषी लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई।
भट्ठल ने कहा कि बेअदबी जांच में पहले जांच पूरी हुई है और दूसरी जांच चल रही है। तीसरी जांच में बेअदबी के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। भट्ठल सोमवार को फतेहगढ़ साहिब के गांव जल्ला सौंढा में आयोजित तीन दिवसीय 26वें वार्षिक कबड्डी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंचीं थी। यह टूर्नामेंट उदासीन 108 संत बाबा निर्माण दास स्थल पर यूथ स्पोर्ट्स क्लब और ग्राम पंचायत की ओर से करवाया गया था।
इस मौके पर उनके साथ फतेहगढ़ साहिब के विधायक कुलजीत सिंह नागरा, बस्सी पठाना विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिंदर सिंह भांबरी, प्रदेश कांग्रेस सचिव गुरसतिंदर सिंह जल्ला मौजूद थे। कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के मामले में भट्ठल ने कहा कि ये मामला सीएम के ध्यान में है। एसजीपीसी चुनाव में कांग्रेस पहले की तरह हिस्सा नहीं लेगी। यह धार्मिक चुनाव है। निजी तौर पर कोई भी व्यक्ति इसमें शामिल हो सकता है। अगर कांग्रेस से कोई गुरसिख नेता एसजीपीसी चुनाव लड़ता है तो हमें कोई एतराज नहीं है।
अमृतसर में निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल के इस्तीफे की पेशकश पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि इस्तीफा देना है तो ढींढसा की तरह देना चाहिए था न कि ड्रामेबाजी करनी चाहिए थी। सिद्धू ने कहा कि सुखबीर बादल की इस ड्रामेबाजी के पीछे पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल का हाथ है ताकि वे जनता को बेवकूफ बना सकें कि उनको कुर्सी का लालच नहीं है।
सुखबीर को दिख रहा है कि अकाली दल का पतन हो रहा है और पार्टी टूटने की कगार पर है इसलिए अब ड्रामेबाजी शुरू कर दी है। सिद्धू ने कहा कि अकाली दल एक पवित्र व पंथक पार्टी थी, जिसको सुखबीर-मजीठिया ने प्राइवेट लिमिटेड पार्टी बना डाला। पार्टी में किसी को खड़े ही नहीं होने दिया और एक तानाशाह की तरह पार्टी को चलाया।