ज्ञापन सौंपने पहुंचे अकाली-बीजेपी नेता
सांसद चौधरी संतोख सिंह के खिलाफ एक निजी चैनल पर स्टिंग को भाजपा अकाली दल ने मुद्दा बनाते हुए जिला चुनाव अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन देने आए अकाली भाजपा नेताओं को डीसी ऑफिस में घुसने से रोकने पर खूब हंगामा हुआ। इस दौरान अकाली व भाजपा नेताओं ने गेट पर ही नारेबाजी करनी शुरू कर दी।
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, महासचिव राकेश राठौर, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया समेत कई सीनियर नेता शामिल थे। विधायक पवन कुमार टीनू, विधायक बलदेव खैरा, अकाली नेता बलजीत सिंह नीला महल ने मांग की है कि स्टिंग ऑपरेशन को संज्ञान में लेकर सांसद चौधरी संतोख सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच की जाए।
विधायक टीनू ने कहा कि कांग्रेसी नेता भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने कहा कि सांसद चौधरी संतोख सिंह स्पष्ट करें कि वह फंड अपने लिए इकट्ठे कर रहे थे या कांग्रेस प्रधान राहुल गांधी के निर्देश पर पार्टी के लिए किया जा रहा था। वहीं सांसद चौधरी का कहना है कि भाजपा की ओर से प्रायोजित एक निजी टीवी चैनल ने उनकी छवि खराब करने के लिए सारा तामझाम किया है।
सभी को उक्त चैनल की हकीकत पता है कि वह भाजपा समर्थित है। संतोख सिंह ने कहा, मेरी ईमानदारी के बारे में सभी लोगों को पता है। उन्होंने कहा कि कुछ टीवी चैनलों के पत्रकार उनके दिल्ली स्थित निवास पर आए थे। उन्होंने नोटबंदी के बारे में उनकी राय जाननी चाही थी। मैंने उन्हें विस्तार से बताया कि नोटबंदी का शिकार व्यापारी वर्ग कैसे हुआ है। पंजाब के लोग इस ट्रैप में नहीं फंसने वाले हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह उक्त चैनल को उपलब्ध करवाए गए फंड की पड़ताल कराए।