चंडीगढ़। पंचकूला में तैनात हरियाणा पुलिस के एसपीओ अजीत सिंह की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब तक दो युवकों पर हत्या का शक था लेकिन अजीत की कॉल रिकॉर्ड को खंगालने के बाद एक ठेकेदार भी संदेह के घेरे में आ गया है। अजीत की हत्या के बाद से ही वह फरार है और उसका फोन भी बंद है। पुलिस उसकी तलाश में बिहार रवाना हो गई है। उधर, बुधवार को डाक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर एसपीओ अजीत के शव को परिजनों को सौंप दिया गया।
चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर जंगल क्षेत्र में चाकू और पत्थर से वार कर एसपीओ अजीत की हत्या कर दी गई थी। उनका शव बीते मंगलवार सुबह बरामद हुआ था। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, सोमवार देर रात करीब दो बजे हाउसिंग बोर्ड नाके पर ड्यूटी के बाद एसपीओ अजीत बाइक से घर के लिए निकले थे। रास्ते में उन्होंने दो युवकों को बाइक पर लिफ्ट दी। तीनों सेक्टर-15/16 और फर्नीचर मार्केट रोड मोहाली के रास्ते मोहाली फेज 6 के गुरुद्वारे के सामने पहुंचे और वहां बाइक पार्क कर पैदल दूधाधारी मंदिर (बाबा बालक नाथ मंदिर) की ओर जाते दिखे। तड़के 3.53 बजे दोनों युवक वापस बाइक की ओर आते दिखे लेकिन अजीत साथ नहीं थे। इस आधार पर पुलिस दोनों युवकों को संदिग्ध मान रही थी। अजीत का मोबाइल फोन, पर्स और मोटरसाइकिल भी गायब थी। मलोया थाना पुलिस मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल खंगाली तो आखिरी बार अजीत की बात मकान बनाने वाले एक ठेकेदार से हुई थी।दोनों के बीच क्या और किस मुद्दे पर बातचीत हुई, यह स्पष्ट नहीं है लेकिन अजीत की हत्या के बाद से ठेकेदार का फोन बंद है। पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। अजीत ने कुछ महीने पहले ही मलोया क्षेत्र में करीब 45 लाख रुपये की लागत से मकान बनवाया था। उनके परिवार में पत्नी और 12 साल का बेटा है।
गला दबाकर हत्या करने की बात आई सामने
जीएमसीएच-16 में बुधवार को एसपीओ अजीत कुमार के शव का पोस्टमार्टम चार डाक्टरों के पैनल ने किया। डाक्टरों के मुताबिक, प्रारंभिक रिपोर्ट में अजीत की हत्या गला घोंटकर की गई है। इसके साथ ही उनके चेहरे पर पत्थर और चाकू जैसे हथियार से भी कई वार किए गए थे। हालांकि चेहरे पर वार करने से पहले गला घोंटा गया बाद में, यह अभी स्पष्ट नहीं है। विसरा जांच के लिए लैब भेजा गया है।