चंडीगढ़। एक फौजी की जिंदगी देखने में आकर्षक लगती है। उसकी सूट-बूट और रिटायरमेंट वाली जिंदगी मानी जाती है लेकिन उनकी जिंदगी की असली कुर्बानियां को कोई नहीं जानता। यह बात केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने शनिवार को पीजीआई में आयोजित काइनेसिस 2022 में बतौर मुख्य अतिथि कही।
संस्थान के 60 वर्ष पूरा होने पर आयोजित डायमंड जुबली सेलिब्रेशन के अंतर्गत हुए कार्यक्रम में देश के वीर जवानों के शौर्य एवं पराक्रम को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ फिजिकल थेरेपी की तरफ से किया गया। इसमें मुख्य अतिथि ने भारत के वीर सैनिक कर्नल डीएन शर्मा, कर्नल गाबा, कर्नल रेखी, मेजर डीपी सिंह, सूबेदार डीपी उनियाल, सूबेदार हरनरायण शर्मा, नायब सूबेदार कपिल देव थपलियाल को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया।
वीर जवानों के पराक्रम को किया नमन
पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने देश के जवानों के शौर्य को नमन करते हुए उनके राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना की। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल, डीडीए कुमार गौरव धवन, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने भी देश के वीर जवानों के पराक्रम को नमन किया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत एसएपीटी इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिरुद्ध उनियाल ने किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए।