पानीपत। आजाद नगर कॉलोनीवासियों ने अधरंग मामलों में सरकारी अस्पताल से आई चिकित्सकाें की टीम पर जांच में लीपापोती करने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद भी चिकित्सकाें की साथ आए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियाें ने भी मोबाइल टावर की जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वे आंदोलन करेंगे। इस पर भी प्रशासन नहीं जागा तो विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
शनिवार को कॉलोनी में आयोजित आजाद नगर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में लोगों ने प्रशासन के रवैये की जमकर आलोचना की। बैैठक में लोगों का कहना था कि डीसी को शिकायत करने के बाद सीएमओ की अगुवाई में चिकित्सकाें की टीम कालोनी में आई जरूर दी। मगर उन्होंने इस मामले में कालोनी में मोबाइल टॉवर से निकलने वाली किरणाें की बजाय उल्टे उनके खानपान में कमी निकाल दी।
उनके साथ आई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियाें ने भी मोबाइल टावर से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण की जांच करना उचित नहीं समझा। कालोनीवासियाें का कहना था कि दोनों टीमें जांच के नाम पर खानापूर्ति करके चली गई। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि अगर प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। इस पर भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी तो विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में पूर्व पार्षद शांति चौहान, पूर्व पार्षद महेंद्र जागलान, पूर्व पार्षद हरिराम मलिक, एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मनोज मंढेर, राज सिंह खोखर, जसबीर सिंह मलिक, चंद्र सिंह और पालेराम मौजूद रहे।
आजाद नगर में एक मोबाइल कंपनी का टावर लगा हुआ है। कॉलोनीवासियों ने 11 सितंबर को डीसी से मिलकर इस टावर को कॉलोनी में बीमारी का कारण बताया था। उन्होंने कहा था कि कालोनी में अधरंग जैसी कई भयानक बीमारियां घर कर रही हैं। इससे कई लोग मौत का शिकार हो चुके हैं और दो दर्जन से अधिक लोग बीमारियों से ग्रस्त हैं।
उपायुक्त ने उनको मामले की जांच कराकर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया था। बाद में 12 सितंबर को चिकित्सकों की टीम ने कालोनी में जाकर जांच अभियान चलाया था। साथ ही कालोनी के लोगों का आरोप है कि वीरवार को ही कंपनी के कुछ लोग टावर पर आए थे। वे टावर के कई इंस्ट्रूमेंट निकालकर ले गए।
उन्होंने बताया कि इससे संबंधित कंपनियों की रेंज भी कम हो गई है। उन्होंने कंपनी अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की थी। उनका कहना था कि रेंज कम करने से साफ है कि टावर से जुडे़ अधिकारी भलीभांति परिचित हैं कि बीमारी का कारण टावर से निकलने वाली किरणें हैं। इसलिए उन्हाेंने इसकी रेंज कम कर दी।