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तीन-तीन एयरपोर्ट और एक भी घरेलू उड़ान नहीं, AAI की मुश्किलें बढ़ीं

Thu, 05 May 2016 12:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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supreme court
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पंजाब में तीन एयरपोर्ट हैं, लेकिन एक भी एयरपोर्ट से घरेलू उड़ान नहीं भरी जाती। मामले में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करके एएआई को तलब किया हैं। जस्टिस एसएस सारों की डिवीजन बेंच ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से पूछा है कि आखिर पंजाब के तीन हवाई अड्डों से अब तक घरेलू उड़ानें शुरू क्यों नहीं हुईं। गौरतलब है कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू न होने के कारण कानूनी शिकंजे में फंसकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया पहले से ही आलोचना झेल रही है।
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दरअसरल, एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने एक जनहित याचिका के जरिये आरोप लगाया है कि हवाई अड्डों के नाम पर आम लोगों का पैसा व्यर्थ खर्च किया जा रहा है। इसका उदाहरण पंजाब में बने तीन हवाई अड्डे हैं, जहां से अभी तक घरेलू उड़ानें भी शुरू नहीं हो पाई हैं। याचिका में बताया गया है कि बठिंडा, लुधियाना और पठानकोट के हवाई अड्डे ऐसे हैं, जिन्हें स्थापित हुए वर्षों बीत चुके हैं। बावजूद इसके यहां से घरेलू उड़ानें शुरू नहीं हो पाईं। जबकि इन हवाई अड्डों के निर्माण पर बड़ी राशि खर्च की गई थी।

याचिका में कहा गया है कि यह हवाई अड्डे आम लोगों के पैसे से निर्मित हुए हैं और लोगों की सुविधा के लिए ही बनाए गए थे, लेकिन फिलहाल यह किसी काम के नहीं हैं। इन हवाई अड्डों के निर्माण के लिए जनहित के नाम पर जमींदारों से उनकी जमीन का अधिग्रहण भी किया गया था, लेकिन हवाई अड्डों से यदि लोगों को उड़ानों की सुविधा का लाभ ही न मिल रहा हो तो इसे जनहित में उठाया गया कदम भला कैसे माना जा सकता है। ऐसे में इन हवाई अड्डों को बंद कर जमींदारों को उनकी जमीनें वापस लौटा दी जानी चाहिए।
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एयर ट्रैफिक समस्या के बहाने मंत्री ने जताई थी लाचारी
जनहित याचिका में कहा गया है कि नागरिक उड्डयन मंत्री ने 30 अप्रैल को अमृतसर में बयान दिया था कि एयर ट्रैफिक समस्या की वजह से बठिंडा व लुधियाना हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू नहीं हो सकतीं। एडवोकेट अरोड़ा ने याचिका में कहा है कि करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। बठिंडा एयरपोर्ट का अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ और लुधियाना तथा पठानकोट के एयरपोर्ट का खर्च पिछले कुछ सालों से उठाना पड़ रहा है, लेकिन उड़ानें शुरू नहीं हुईं।    

चंडीगढ़ के मामले में पहले ही हो चुकी है किरकिरी
उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू न होने के कारण मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट पहले ही कह चुका है कि क्यों न लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई हो और सैंकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू न होने की जांच सीबीआई हवाले कर दी जाए।
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