चंडीगढ़। भारी बारिश के चलते शुक्रवार सुबह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली के टर्मिनल-1 पर पिकअप-ड्रॉप एरिया की छत और सपोर्टिंग पिलर गिर गया था। इसमें कई कारें दब गईं। कार में बैठे एक कैब ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ लोग घायल हुए। इस हादसे के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने देश के सभी छोटे-बड़े हवाईअड्डों भवनों के ढांचे की मजबूती की जांच करने का सर्कुलर जारी किया है। इस जांच को दो से पांच दिन में पूरा करने और मंत्रालय को इसकी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस मामले को लेकर शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी चंडीगढ़ से एयरपोर्ट के स्ट्रक्चर की रिपोर्ट मांगी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी को यह रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर भेजनी है।
शनिवार को चंडीगढ़ एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंजीनियरिंग विभाग के साथ पूरा दिन मीटिंग का दौर चलता रहा। एयरपोर्ट अथॉरिटी को एयरपोर्ट की बिल्डिंग स्ट्रक्चर और ड्रेनेज वाटर की भी रिपोर्ट तैयारी करनी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके साथ एयरपोर्ट एरिया के अंदर आने वाली सभी बिल्डिंग की भी रिपोर्ट तैयार करनी है। वहीं, चंडीगढ़ एयरपोर्ट अथॉरिटी से तीन साल पहले तैयार किए गए डोमेस्टिक और अंतरराष्ट्रीय कार्गो की भी रिपोर्ट मांगी गई है।
मानसून की दस्तक और इससे निपटने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कमर कसनी शुरू कर दी है क्योंकि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पार्किंग एरिया में लगे ड्रेनेज वाटर सिस्टम को लेकर जवाब और तैयारियों की पूरी जानकारी मांगी है। एयरपोर्ट पर लगाए गए ड्रेनेज वाटर सिस्टम की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
इन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट
1.एयरपोर्ट की बिल्डि़ंग कितनी पुरानी है
2. इसका रेनोवेशन कब कब किया गया है
3. बिल्डंग में कहीं पानी तो नहीं रुकता
4. इमारत में कहीं किसी तरह की सीलन तो नहीं है