चंडीगढ़। दोस्त से स्पेन मिलने जा रहे यात्री को फ्लाइट पर चढ़ने से रोकना एयर इंडिया एयरलाइंस को महंगा पड़ गया। वापसी का टिकट न होने का हवाला देते हुए एयर इंडिया ने यात्री को फ्लाइट पर जाने नहीं दिया। एयर इंडिया को उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कोताही बरतने का दोषी करार देते हुए शिकायतकर्ता को 35 हजार रुपये हर्जाना के रूप में देने के आदेश दिए हैं। साथ 15 हजार मानसिक उत्पीड़न और केस में खर्च हुए 10 हजार रुपये देने को भी कहा है।
क्या था मामला
शिकायतकर्ता सेक्टर- 22 निवासी अनिल कुमार ने उपभोक्ता आयोग को दी अपनी शिकायत में बताया कि 17 जुलाई 2022 को अपने दोस्त से मिलने स्पेन जा रहे थे। इसके लिए एयर इंडिया का करीब 27 हजार रुपये का टिकट लिया था। पर दिल्ली एयरपोर्ट पर चेक इन के दौरान वापसी को टिकट न होने के हवाला देते हुए फ्लाइट पर चढ़ने से रोक दिया। शिकायतकर्ता जब वापसी का टिकट लेकर फ्लाइट पर चढ़ने के लिए पहुंचा। तब तक चेक इन का समय पूरा हो चुका था। यात्री को दोबारा फ्लाइट में नहीं चढ़ने दिया गया। शिकायतकर्ता ने टिकट कैंसिल की तो एयरलाइंस ने नौ0 हजार रुपये रुपये कैंसिल शुल्क के रूप में काट लिए। मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने एयर इंडिया एयरलाइंस को टिकट के 27 हजार रुपये और टिकट कैंसिल करने पर काटे नौ हजार रुपये यानी कुल 35 हजार रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए 15 हजार रुपये और केस में खर्च हुए 10 हजार रुपये लौटाने को कहा है।