पंजाब के लुधियाना में एयरफोर्स स्टेशन हलवारा की सुरक्षा में तैनात लांस नायक की गुरचरण सिंह की गोली लगने से मौत हो गई। हालांकि भारतीय वायु सेना और डीएससी के अधिकारी इसे आत्महत्या का मामला बता रहे हैं, लेकिन मामला संदिग्ध है।थाना सुधार की पुलिस ने मृतक गुरचरण के बेटे प्रीतपाल सिंह के बयान पर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की है।
प्रीतपाल सिंह ने कहा कि उनके पिता भारतीय थल सेना से रिटायर होने के बाद 13 साल पहले डीएससी में भर्ती हुए थे। दो साल बाद वह डीएससी से भी रिटायर होने वाले थे। उन्हें अच्छी खासी पेंशन मिल रही थी और अब डीएससी में बतौर लांस नायक भी उनकी अच्छी पगार थी। घर में कोई झगड़ा भी नहीं हुआ। प्रीतपाल सिंह के मुताबिक उनके पिता को सांस की मामूली बीमारी थी, लेकिन उन्हें यकीन नहीं है कि इस कारण वह खुदकुशी कर सकते हैं।
मामले की जांच कर रहे थाना सुधार के थानेदार गुरमीत सिंह ने कहा कि गुरचरण सिंह वीरवार रात ड्यूटी ब्रेक के बाद अपने कमरे में चला गया। थोड़ी देर बाद कमरे से गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुनकर उसके साथी कमरे की तरफ दौड़े लेकिन कमरे में अंदर से कुंडी लगी थी। उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचित किया।
थाना सुधार के प्रभारी विक्रमजीत सिंह घुम्मण पुलिस पार्टी के साथ एयरफोर्स स्टेशन हलवारा पहुंचे और कमरे की कुंडी तुड़वाई। गुरचरण सिंह की लाइसेंसी राइफल की गोली उसके गले को चीरते हुए खोपड़ी फाड़ कर निकली हुई थी। उसका शव बिस्तर पर पड़ा था और उसके ऊपर ही उसकी राइफल भी पड़ी थी।
गुरचरण सिंह थाना समराला के गांव बहलोलपुर का रहने वाला था। वह सोलह दिन की छुट्टी काटकर 29 दिसंबर को ड्यूटी पर आया था। उसने एक जनवरी से फिर छुट्टी की अर्जी दी थी। थानेदार गुरमीत सिंह ने बताया कि अभी इसे आत्महत्या का मामला समझ कार्रवाई की गई है। भविष्य की जांच में कुछ ओर पाया गया तो धाराओं में बढ़ोतरी कर दी जाएगी।