इस बार यदि लोग बम फोड़ने से बाज नहीं आए तो दीपावली के मौके पर प्रदूषण झेलने के लिए तैयार रहे। चंडीगढ़ पाल्यूशन डिपार्टमेंट के मुताबिक हर साल प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। वायु प्रदूषण तीन गुना बढ़ जाता है, जबकि ध्वनि प्रदूषण दोगुना।
बम धमाकों की आवाज से शहरवासियों के कान तक जवाब दे जाते हैं। पिछले साल ध्वनि प्रदूषण चार सालों में सबसे अधिक दर्ज किया गया था, जबकि वायु प्रदषूण तीन सालों में। पर्यावरण विभाग की ओर से ग्रीन दीवाली बनाने का अभियान तो जारी है मगर कितना कामयाब होता है, यह दीपावली के अगले दिन ही पता चल पाएगा।
सेक्टर 22 में ध्वनि प्रदूषण कितना रहा है
समय 2013 2014 2015 2016
6-7 62.6 64.2 68.6 68.8
7-8 72.0 62.9 70.4 72.1
8-9 76.4 80.2 80.4 82.2
9-10 76.6 82.9 85.8 86.3
10-11 73.5 77.8 84.0 84.0
11-12 71.6 68.9 80.2 81.0
(नोट : नियम के मुताबिक रात के वक्त 45 डेसीबल से ज्यादा आवाज नहीं होनी चाहिए)