पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए पीओके में एयर स्ट्राइक करने के बाद बीएसएफ ने ग्रामीणों को फेंसिंग पार जाने से रोक दिया, वहीं लोगों ने फौज का साथ देने की बात कही है। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों की तेरहवीं वाले दिन भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमला कर बदला ले लिया।
लेकिन 1965 और 1971 में पाकिस्तान ने धोखे से भारत पर हमला बोलकर हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे सभी गांवों पर कब्जा कर लिया था, जिससे ग्रामीणों को बहुत नुकसान झेलना पड़ा था। इसी आशंका के मद्देनजर बीएसएफ ने फेंसिंग पार खेतों में जाने से ग्रामीणों को रोक दिया है। पाक की नापाक हरकतों को देखते हुए सरहदी गांव के लोग कह रहे हैं कि वह अपनी सेना के साथ खड़े है, सेना पाकिस्तानियों को मुंहतोड़ जवाब दे।
सरहदी गांवों में रहने वाले लोगों में किसी भी प्रकार का कोई भय नहीं दिखाई दिया। बल्कि रोजाना की तरह ही लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त रहे। भारतीय फौज की ओर से पाक अधिकृत कश्मीर के आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई से लोग खुश हैं। लेकिन लोगों का ये भी कहना है कि पाक कायराना हरकत जरूर करेगा, उन लोगों को पिछले दो युद्धों के अनुभव को देखते हुए आशंका है कि पाकिस्तान रात में हमला न करे।
हुसैनीवाला बॉर्डर के पास 22 छोटे-बड़े गांव
सरहदी गांव टिंडीवाला निवासी के पंच महेंदर सिंह ने बताया कि हुसैनीवाला बॉर्डर के तहत लगभग 22 छोटे-बड़े गांव है, जो सरहद से सटे हैं। मंगलवार की सुबह टीवी देखकर उनके गांव के लोगों को पता चला कि भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मार गिराया है। इससे वह लोग खुश हैं, परंतु सरहद से सटे होने के कारण उन लोगों को आशंका है कि अगर सरहद पर तनाव उत्पन्न हुआ तो उन लोगों को दो साल पहले की भांति एक बार फिर से कहीं घर से बेघर न होना पड़ा।
गट्टी हजारा सिंह वाला की रहने वाली महिला जसविंदर कौर ने कहा कि उन लोगों को कोई परेशानी नहीं है। भारतीय फौज उनकी सुरक्षा के लिए ही आती है, पाकिस्तानी हमेशा नुकसान पहुंचाते हैं। राजविंदर कौर ने कहा कि उनके गांव से एक किलोमीटर दूर ही पाकिस्तान के गांव रजनीवाला व महालम हैं। उन लोगों को पाकिस्तानी गांवों में होने वाले कार्यक्रमों का पता चलता रहता है, क्योंकि लाउडस्पीकर की आवाज साफ सुनाई देती है। राजविंदर कौर जब यह बातें बता रही थी, तभी बॉर्डर पार रजनीवाला की मस्जिद से अजान शुरू हुई, जो पूरी साफ सुनाई दे रही थी।
बीएसएफ की रेलवे पूरी मदद करेगा
उधर, फिरोजपुर मंडल रेलवे के डीआरएम विवेक कुमार ने बताया कि सेना की मूवमेंट को देखते हुए रेलवे पूरी मदद करेगा। जवानों की स्पेशल ट्रेनों व उनके साजो सामान को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे तत्पर है। रेलवे से जो भी मांग सेना द्वारा की जाएगी, उसे हर हालत में पूरा किया जाएगा। कश्मीर घाटी में रेल गाड़ियों के परिचालन पर डीआएम विवेक ने कहा कि माहौल को देखते हुए स्थानीय पुलिस की सहमति से रोजाना रेल गाड़ियां चलाई जाती हैं।