चंडीगढ़ में सुखना लेक पर 27 और 28 मार्च को एयर शो का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भारतीय वायुसेना की सदैव सर्वोत्तम सूर्यकिरण टीम अपने हैरतअंगेज करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगी। दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर देने वाली इस टीम के लिए इन करतबों को अंजाम देना आसान नहीं होता। चंडीगढ़ में तिरंगे के रंगों से भी दर्शक सराबोर होंगे।
1300 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
चंडीगढ़ के डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि हमारी तैयारियां अच्छी हैं। यह एयर शो दो दिनों तक चलेगा। हर दिन दस हजार लोग इसमें शामिल होंगे। डीसी ने बताया कि शो के लिए पूरे शहर में सात पिकअप पॉइंट बनाए गए हैं, जहां से लोग बसों से लेक पर पहुंचेंगे। हमने पीने के पानी, टॉयलेट, साफ-सफाई और मेडिकल सुविधाओं का इंतजाम किया है। लगभग 1300 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे, और इसके लिए हमने झील के आस-पास के कई इलाकों को 'नो-ट्रैफिक जोन' घोषित कर दिया है। हमने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की थी, और झील पर आने वाले किसी भी व्यक्ति को सिर्फ बसों से ही लाया जाएगा। निजी वाहनों को यहां आने की इजाजत नहीं होगी।
2000 घंटे की लड़ाकू उड़ान का अनुभव जरूरी
सूर्यकिरण टीम एयरफोर्स के चुनिंदा जांबाज फाइटर पायलटों से मिलकर बनी है। टीम का हिस्सा बनने के लिए पायलटों के पास कम से कम 10 वर्ष की सेवा और करीब 2000 घंटे की लड़ाकू उड़ान का अनुभव होना आवश्यक है। इसके अलावा उन्हें सुखोई-30, मिराज, जगुआर और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमानों को उड़ाने का अनुभव भी होना चाहिए। चयन से पहले पायलटों को कठिन फ्लाइंग ट्रायल्स और व्यक्तित्व परीक्षणों से गुजरना पड़ता है जिसमें टीम लीडर स्वयं उनकी क्षमता का आकलन करते हैं।
चयनित पायलटों को दो वर्ष का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान मार्च से सितंबर तक अभ्यास कराया जाता है जबकि अगले छह महीने प्रदर्शन के लिए निर्धारित होते हैं। नए पायलट शुरुआत में अकेले उड़ान भरते हैं, इसके बाद वे क्रमशः दो, चार, छह और अंत में नौ विमानों के फॉर्मेशन तक पहुंचते हैं।
मानक स्तर हासिल करने के लिए पायलटों को करीब 70 से 75 सॉर्टीज करनी होती हैं। इस दौरान 30 मीटर से 1200 मीटर की ऊंचाई पर 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान का अभ्यास कराया जाता है। वर्तमान में यह टीम आधुनिक हॉक एमके-132 विमानों का उपयोग कर रही है। नौ विमानों का फॉर्मेशन बनाकर टीम ट्रिपल ईगल, डायमंड, लूप, बैरल रोल और एरोहेड जैसे रोमांचक करतब दिखाती है।
एक नजर में सूर्यकिरण
स्थापना : 1996 (52वां स्क्वाड्रन)
विमान: हॉक एमके-132
आदर्श वाक्य: सदैव सर्वोत्तम
खासियत: 9 विमानों का सटीक फॉर्मेशन
एयर कमोडोर ने राज्यपाल को दिया निमंत्रण
एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर दीपक पंत ने यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर उन्हें आगामी एयर शो में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। यह मुलाकात लोकभवन पंजाब में हुई, जहां एयर कमोडोर पंत ने राज्यपाल को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी और इस आयोजन के महत्व पर चर्चा की। राज्यपाल कटारिया ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं।
एयर शो का आयोजन 28 मार्च सुबह 10:40 बजे सुखना पर किया जाएगा। यह कार्यक्रम भारतीय वायु सेना की ओर से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अत्याधुनिक विमानों द्वारा हैरतअंगेज हवाई करतबों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस एयर शो को लेकर प्रशासन और वायु सेना की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और दर्शकों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि लोग इस कार्यक्रम का सुरक्षित और सुगम तरीके से आनंद ले सकें। सुखना लेक पर आयोजित होने वाला यह एयर शो न केवल शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा। बड़ी संख्या में लोगों के इस कार्यक्रम में पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले स्थल पर पहुंचें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। इस आयोजन के जरिए भारतीय वायु सेना अपनी क्षमताओं और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन करेगी, जिससे युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण भी बढ़ेगा।