हरियाणा में सोमवार से वायु प्रदूषण को लेकर हालात में कुछ सुधार आया है। राहत की बात ये है कि अब किसी भी शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 336 से ऊपर नहीं है, जबकि तीन दिन पहले पांच शहरों में यह आंकड़ा 400 को पार कर गया। इस समय केवल चार शहरों में 300 से अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में पराली जलाने के मामलों में आई कमी के चलते सुधार हो रहा है। आगामी कुछ दिनों में स्थिति और अच्छी हो सकती है।
सोमवार को हरियाणा में वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे अधिक फरीदाबाद में 336, बल्लभगढ़ में 327, जींद 313 और कैथल में 312 दर्ज किया गया। इसके अलावा, गुरुग्राम में 294, पानीपत 213, धारूहेड़ा 241, भिवानी 190, करनाल 249, रोहतक 165, सिरसा 151, यमुनानगर 197 और नारनौल में 136 रहा। जबकि तीन दिन पहले तक गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, हिसार और जींद में एक्यूआर का स्तर 400 को पार कर गया था।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनसीआर के जिलों में ग्रेप 4 को सख्ती से लागू किया गया। इसके चलते प्रदूषण में कमी आई है। सोमवार को हरियाणा में 37 स्थानों पर पराली जलाने के मामले सामने आए, जबकि एक दिन पहले रविवार को पराली जलाने के मामलों की संख्या 46 दर्ज की गई थी।
हरियाणा में अब तक कुल 2613 स्थानों पर पराली जलान के मामले सामने आए हैं। 7 नवंबर तक 2021 में इनकी संख्या 4298 और 2020 में 3138 स्थानों पर पराली जलाई गई थी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में प्रदूषण में कमी आई है। सख्ती से नियमों को लागू किया गया है। साथ ही इस बार हरियाणा में पराली जलाने के मामले भी कम हुए हैं।