मिलिट्री लिटरेचर फेस्ट के दौरान राफेल की ताकत और बहादुरी की कहानियों ने युवाओं में जोश भर दिया। इस दौरान ‘क्लैरियन कॉल वीडियोज -जोश और जज्बा एपिसोड्स’ सेशन के दौरान कोहिमा की जंग, ऑपरेशन मेघदूत, गोरखा विरासत और राफेल एयरक्राफ्ट आदि के कई पहलुओं को लघु फिल्मों के जरिए दिखाया गया।
वर्चुअल हुए इस सत्र के दौरान क्लैरियन कॉल के बारे में जानकारी देते हुए मेजर बिक्रमजीत और अराधिका ने बताया कि इस सत्र का मुख्य मकसद आज की नौजवान पीढ़ी को भारतीय सैनिकों द्वारा विभिन्न युद्धों में दिखाई वीरता और देश के लिए किए गए बलिदानों से अवगत करवाना और उनको सेना में आने के लिए प्रेरित करना है।
‘द राफेल एयरक्राफ्ट’ से संबंधित लघु फिल्म में यह पक्ष उभारा गया कि भारतीय वायु सेना की ताकत बढ़ाने के मकसद से राफेल एयरक्राफ्ट भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल किए जा रहे हैं। इन जहाजों की लड़ने की क्षमता के बारे में बताया गया कि 4.5 जनरेशन से संबंधित राफेल एयरक्राफ्ट 4700 किलो तक भार ले जाने की क्षमता रखते हैं और इनकी रेंज 300 किलोमीटर तक की है। फिल्म में फ्रांस से अंबाला एयरबेस तक पहुंचे राफेल का वीडियो भी प्रदर्शित किया गया।