चंडीगढ़। सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में विंटेज कारों का म्यूजियम नहीं बनेगा। यह अब लगभग तय हो गया है। मंगलवार को वायुसेना के अधिकारियों ने पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को एक प्रस्तुति दी और बिल्डिंग में भी जाकर म्यूजियम की संभावनाएं भी देखीं। जानकारी के मुताबिक, वायुसेना यहां अपना म्यूजियम बनाने को तैयार हो गई है और प्रशासन भी उनकी प्रस्तुति से काफी संतुष्ट है।
गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में म्यूजियम बनाने और चलाने के लिए वायुसेना और प्रशासन के बीच एक बैठक पहले भी हो चुकी है। प्रशासन पहले यहां विंटेज कारों का म्यूजियम बनाना चाहता था। इसके लिए दो बार टेंडर भी किया गया, लेकिन किसी भी एजेंसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई, इसलिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भारतीय वायुसेना के अधिकारियों से बात की और गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में म्यूजियम बनाने पर चर्चा की।
केरल के तिरुवंतपुरम के गांव अक्कुमल में भी वायुसेना ने एक म्यूजियम बनाया है। चर्चा है कि प्रशासन उसी की तर्ज पर चंडीगढ़ में म्यूजियम का निर्माण करना चाहता है। वायुसेना के अधिकारियों ने सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग का दौरा भी किया। प्रशासन के अधिकारियों का मानना है कि इस म्यूजियम के बनने से बच्चों में भारतीय वायुसेना को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और सेना में जाने का जज्बा भी जागेगा। हालांकि गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग काफी जगह खाली है, इसलिए वायुसेना के साथ हेरिटेज फर्नीचर व अन्य हेरिटेज सामानों को भी रखा जा सकता है। इसको लेकर अभी अधिकारियों के स्तर पर चर्चा चल रही है।
विमान के मॉडल, हथियार और फ्लाइट सिम्युलेटर रखे जाएंगे
गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में बनने वाले म्यूजियम में वायुसेना के विमानों के मॉडल और हथियार प्रदर्शित किए जाएंगे, लेकिन बड़ा आकर्षण फ्लाइट सिम्युलेटर होगा, जो लोगों को एक विमान में होने का अनुभव प्रदान करेगा। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अगर वायु सेना चंडीगढ़ में म्यूजियम बनाती है तो ये बच्चों के लिए काफी अच्छा होगा। क्योंकि वह वायु सेना के विमान के मॉडल और हथियार को अपने ही शहर में देख सकेंगे। इसके अलावा फ्लाइट सिम्युलेटर, जहां बैठकर वह वायु सेना के जहाज में बैठने जैसा अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे।