चंडीगढ़। भारतीय वायुसेना के शौर्य को समर्पित देश का पहला वायुसेना विरासत केंद्र की सिटी ब्यूटीफुल में मौजूदगी चंडीगढ़ शहर को भी गौरवान्वित करा रहा है। इस बार 8 अक्तूबर को 92वां वायु सेना दिवस शहर के लिए इस लिए भी खास रहा। इसी वर्ष 8 मई को हुए उद्घाटन के बाद शुरू किए गए इस वायुसेना विरासत केंद्र के लिए यह पहला मौका था जब एक दिन में सबसे अधिक करीब 1,450 पर्यटक वायु वीरों के शौर्य गाथा को जानने के लिए सेक्टर-18 स्थित केंद्र पहुंचे। यह एक दिन की रिकाॅर्ड संख्या है। पर्यटन विभाग की ओर से वायुसेना दिवस के चलते प्रवेश नि:शुल्क रखा गया था। विरासत केंद्र देखने पहुंचे 14 साल के अनिकेत बोले- वायु सेना ज्वाइन कर आसमान का प्रहरी बनूंगा। आंकड़ों की माने तो केंद्र के शुभारंभ होने के बाद 7 अक्तूबर 40,451 पर्यटक विरासत केंद्र को देख चुके हैं।
ट्राइसिटी के अलावा आसपास के राज्यों के लोग पहुंचे
इस एयरफोर्स हेरिटेज सेंटर में इंडियन एयरफोर्स ने कैसे तरक्की की है, उन तमाम चीजों को बहुत ही साधारण तकनीक और टेक्नोलॉजी के सहारे प्रदर्शित किया गया है। जिसने अपने परिजनों के साथ आने वाले बच्चों को काफी प्रेरित किया।इस दौरान पंजाब के निजी स्कूलों के बच्चे भी विरासत केंद्र देखने पहुंचे थे। नाभा के एक निजी स्कूल के बच्चों का समूह सुबह 12 बजे विरासत केंद्र पहुंचा था। इसके बाद एक अन्य स्कूल के ग्रुप पहुंचा। ट्राइसिटी के अलावा बड़ी संख्या में हरियाणा, पंजाब और हिमाचल से भी पर्यटक विरासत केंद्र घूमने पहुंचे थे। ज्यादातर लोग परिवार व बच्चों के साथ आए थे।
लड़ाकू विमान दिखा रहे भारतीय वायु सेना की ताकत
हेरिटेज म्यूजियम के अंदर पुराने एयरफोर्स के सभी विमान के मॉडल, मिसेल्स, लड़ाकू विमान को प्रदर्शित कर रखे गए है। इनमें तेजस लड़ाकू विमान, नेत्र विमान, प्रचंड हेलीकॉप्टर, एयरबस सी 295, एकीकृत वायु कमान, मीग-21 विमान और नियंत्रण प्रणाली कार्य स्टेशन और एक वैश्विक उपग्रह प्रदर्शित हैं।
हथियारों के प्रदर्शन सहित कई आकर्षण का केंद्र
विरासत केंद्र में विमान के मॉडल और हथियारों के प्रदर्शन सहित कुल आठ आकर्षण हैं। हालांकि सबसे बड़ा आकर्षण इसका अपना फ्लाइट सिमुलेटर है। इसके अलावा एयरो इंजन, विमान, कियोस्क और अन्य वायु सेना की कलाकृतियों, मशीनों/जुड़े, उपलब्धियों और व्यक्तित्वों पर फिल्में, और गाइड सहित सूचनात्मक प्रदर्शनी आने वाले पर्यटकों को वायु वीरों के शौर्य की कहानी बयां करती है।