कभी कांफ्रेंस के लिए जाना तो कभी वर्कशाप की टेंशन या फिर सेमिनार की आपाधापी, सीमित फ्लाइट्स के कारण सिटी ब्यूटीफुल के डाक्टरों का कीमती वक्त ट्रेवलिंग में ही बीत जाता है। यही कारण है कि यहां के आठ हजार से ज्यादा डाक्टर चाहते हैं कि सिटी से कनेक्टिविटी बढ़ाई जाए। मेट्रो से कनेक्टिविटी सबसे ज्यादा आवश्यक है।
फ्लाइट्स की सिटी से सबसे ज्यादा आवश्यकता है। कालीकट में कांफ्रेंस है तो हमें एक दिन चलेंगे तो दूसरे दिन पहुंचेंगे। यहां से फ्लाइट्स की कनेक्टिविटी सबसे ज्यादा आवश्यक है। कम से कम बंगलूरू, गोवा और अहमदाबाद के लिए तो फ्लाइट्स जरूर होनी चाहिए।
डा. रोहित बंसल, डर्मटोलाजिस्ट, मनीमाजरा
एयर कनेक्टिविटी की डाक्टरों की ही नहीं बल्कि हरेक प्रोफेशनल की मांग है। कम कम मेट्रो के लिए यहां से उड़ान होनी ही चाहिए। अगर आप देखें तो नई दिल्ली के बाद नार्थ में चंडीगढ़ एयरपोर्ट ही है। इसलिए एयरपोर्ट अथारिटी और विमानन कंपनियों को यहां भी बोझ देना चाहिए।
डा. पंकज गर्ग सीनियर कोलोरेक्टल सर्जन पंचकूला
चंडीगढ़ में मुंबई के लिए एयर कनेक्टिविटी है और नई दिल्ली के लिए, यह पर्याप्त नहीं है। सिटी को कम से कम मेट्रो से तो जोड़ देना चाहिए। यह सबके लिए लाभदायक होगा। इससे ट्रेवल करना आसान होगा और सिटी की वैल्यू भी बढ़ेगी।
डा. धीरज खुराना न्यूरो सर्जन पीजीआई
चंडीगढ़ से फ्लाइट्स की कनेक्टिविटी होने का लाभ सिटी के लोगों को ही मिलेगा। हमारा अभी कम से कम दो दिन का समय लग जाता है यदि हम कांफ्रेंस में जाते हैं। फ्लाइट्स की कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो एक दिन में ही कांफ्रेंस अटेंड करके लौटा जा सकता है।
डा. विकास शर्मा, नेशनल स्किन हास्पिटल, हाउसिंग बोर्ड, मनीमाजरा
चंडीगढ़ से ज्यादातर शहरों के लिए कनेक्टिटिंग फ्लाइट्स हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई चाहे भी तो एक दिन मेें जाकर उसी दिन नहीं लौट सकता है। कनेक्टिविटी बढ़ाई जानी चाहिए।
डा. रवि गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जीएमसीएच-32, चंडीगढ़