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चेतावनीः ग्रामीण बोले- 25 तक मनेठी में एम्स का शिलान्यास नहीं तो महापंचायत के बाद भरेंगे जेल

Mon, 08 Jul 2019 03:41 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
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फाइल फोटो
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मनेठी में अगर प्रस्तावित एम्स के निर्माण का 25 जुलाई को शिलान्यास नहीं हुआ तो एम्स संघर्ष समिति चार अगस्त को महापंचायत के बाद जेल भरो आंदोलन करेगी। यह निर्णय रविवार को मनेठी उप तहसील में हुई समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मनेठी के सरपंच और संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज यादव ने की। वहीं मनेठी में ही एम्स निर्माण के लिए ग्रामीणों ने पोस्टकार्ड भेजो अभियान के तहत करीब पांच सौ कार्ड प्रधानमंत्री को भेजे गए।
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गांव मनेठी में प्रस्तावित एम्स के निर्माण को वन सलाहकार समिति की नामंजूरी के बाद से ग्रामीणों में गुस्सा व्याप्त है। संघर्ष समिति के आह्वान पर ग्रामीणों ने महापंचायत कर 25 जुलाई तक एम्स का शिलान्यास करने एवं पचास हजार पोस्टकार्ड लिखने का अभियान चलाया था। इसी दौरान समिति के सदस्यों ने प्रशासन के सामने प्रस्तावित जमीन पर अपने दावे के सभी कागजात प्रस्तुत किए।  रविवार को समिति के सदस्यों की बैठक बुलाई गई, जिसमें वन सलाहकार समिति एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि एम्स के निर्माण के लिए सभी ग्रामीणों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। अगर एम्स का शिलान्यास नहीं किया गया तो विधानसभा में चुनावों में इसका जवाब देना होगा। एम्स की मांग को लेकर वे किसी भी जनप्रतिनिधी के पास नहीं जाएंगे। बल्कि उन्हें लोगों के बीच आकर समस्या सुननी चाहिए। बैठक में वक्ताओं ने एफएसी की रिपोर्ट पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एफएसी द्वारा लगाए गए एतराज गलत है। जैसा कि प्रस्तावित एम्स मनेठी नेशनल हाईवे नंबर आठ से 30 किलोमीटर एवं  नेशनल हाईवे नंबर 11 से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर ही स्थित है।
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इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डा बाछौद भी नजदीक है।  वक्ताओं ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को भी निर्माण के लिए करीब 32 हजार पेड़ काटे जाएंगे, जबकि एम्स की प्रस्तावित जमीन पर पेड़ भी नहीं है। इसके बावजूद भी अड़चन लगाई जा रही है।  ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के पास 1100 एकड़ जमीन है। इसमें से केवल 234 एकड़ जमीन ही प्रस्तावित एम्स को दी जाएगी, बाकि बचे रकबे, जमीन में अच्छे पौधे लगवाए जाएंगे और इसके अलावा समर्पित भाव से प्रदूषण को बचाने में प्रयास किए जाएंगे।
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