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Chandigarh News: एआईजी के घर की तलाशी, परिजनों से पूछताछ, नहीं मिला पिस्टल का लाइसेंस

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चंडीगढ़। जिला अदालत परिसर स्थित फैमिली मीडिएशन सेंटर में पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी मलविंदर सिंह सिद्धू की ओर से अपने दामाद आईसीएएस हरप्रीत सिंह की गोलियां मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने सोमवार को घटनास्थल पर सीन रिक्रिएट किया। इसके बाद पुलिस एआईजी को लेकर मोहाली स्थित उसके आवास पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आरोपी की ओर से वारदात में इस्तेमाल .32 पिस्टल का लाइसेंस नहीं मिला। आरोपी को दो दिन का रिमांड खत्म होने पर मंगलवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
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बता दें कि बेटी के तलाक के मामले में समझौते के लिए पहुंचे मलविंदर सिंह ने हरप्रीत सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दो दिन का रिमांड लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी ने बताया कि उसके पास जो पिस्टल है, उसका ऑल इंडिया वैलिड लाइसेंस है इसलिए पुलिस आरोपी को लेकर उसके घर पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस को कोई अन्य हथियार या संदिग्ध दस्तावेज नहीं मिला है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त पिस्टल के लाइसेंस को लेकर पूरा घर तलाशा, लेकिन लाइसेंस नहीं मिला। इस दौरान पुलिस ने आरोपी के परिजनों से पूछताछ की और लाइसेंस के बारे में पूछा लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि पिस्टल का लाइसेंस कहां है।
सूत्रों के मुताबिक मलविंदर सिंह के पास जो पिस्टल है, उसका लाइसेंस पंजाब के अमृतसर लाइसेंस अथॉरिटी से बना है इसलिए पुलिस अमृतसर जाएगी और वहां लाइसेंस के दस्तावेज लेगी। यह बात भी सामने आई है कि लाइसेंस को सस्पेंड करने के लिए मोहाली पुलिस अमृ़तसर प्रशासन के साथ पत्राचार कर चुकी है।
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आईएएस अधिकारी की बेटी के साथ हुई थी पहली शादी

सूत्रों के मुताबिक हरप्रीत सिंह की पहली शादी राजस्थान कैडर के 1984 बैच के आईएएस अधिकारी प्रीतम सिंह की बेटी के साथ हुई थी लेकिन कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद के बाद तलाक हो गया था जबकि इन दोनों ने करीब सात साल तक एक साथ पढ़ाई की थी।
दहेज उत्पीड़न आरोपों के कारण काटनी पड़ी थी जेल

जुलाई 2020 में कोविड के दौरान हरप्रीत सिंह की शादी डॉ. अमितोज के साथ हुई थी लेकिन यह शादी का ताना-बाना महज तीन महीने तक ही टिक सका था। डा. अमितोज ने अपने मायके में जाकर ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न व गर्भपात करवाने के आरोप भी लगाए थे। शिकायत में बताया था कि शादी में उसके परिवार ने करीब 50 लाख रुपये खर्च किए थे। इसके अलावा तीन लाख 51 हजार शगुन, सोने का कड़ा, डायमंड रिंग, रिश्तेदारों को कपड़े सोने के सेट, सात अंगुठियां और सोने का कड़ा दिया था। आरोप थे कि विवाह के दो हफ्ते बाद ही सास-ससुर व पति दहेज के लिए तंग करने लगे। ससुराल वाले हर समय ताना मारते थे कि उनका बेटा बड़ा अफसर है, लेकिन न तो उन्हें कोई बड़ी गाड़ी दी गई और न ही कोई प्लॉट दिया। ससुराल वालों ने जबरन उसका गर्भपात तक करवाया और मारपीट भी की गई। मोहाली पुलिस ने इस मामले में पहले धारा 323, 341, 506 और 34 के तहत केस दर्ज किया था लेकिन बाद में गर्भपात करवाने की धारा 313 जोड़ दी थी। इस मामले में हरप्रीत सिंह व उसकी बुजुर्ग मां को कई दिनों तक जेल भी काटनी पड़ी थी।
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