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कृषि मंत्री का एलान, लागू होंगी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें

Tue, 18 Oct 2016 10:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह - फोटो : अमर उजाला
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 किसानों की समृद्धि और कल्याण के लिए सरकार संकल्पित है। पिछले ढाई वर्षों में केंद्र सरकार ने किसान हित में कई कदम उठाए हैं। आगामी चार वर्र्षों में सभी खेतों में पानी का लक्ष्य भी हासिल कर लिया जाएगा। किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
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इसके तहत दिसंबर तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिाशें लागू करने को लेकर कमेटी की पहली रिपोर्ट आने के बाद इस दिशा में प्रभावी पहल की जाएगी। किसानों की आय में 1.5 गुना बढ़ोतरी, न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) में बढ़ोतरी के अलावा अन्य योजनाएं भी शुरू की गई हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने मंगलवार को चंडीगढ़ में क्षेत्रीय संपादकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बातें कही।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के उत्पादों का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी कृषि मंडियों को एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ रही है। अगले वर्ष तक सभी 585 मंडियों को एक साझा बाजार से जोड़ दिया जाएगा, ताकि किसानों को अच्छी कीमत पर उत्पाद बेचने का मौका मिलेगा।
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'फसलों के नुकसान को पूरी तरह किया जाएगा कवर'

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष तक देश भर के 14 करोड़ किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। जबकि किसानों को बीमा कवच भी प्रदान किया जाएगा। सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम में कमी की गई है और नुकसान को पूरी तरह कवर किया जाएगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए देश में 150 बीज केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक बीज केंद्र गुणवत्ता संपन्न 1000 क्विंटल बीज का उत्पादन करेंगे, जिसे किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। 

किसानों को मिलेगा ब्याज मुक्त ऋण, राज्य करें मदद
राधा मोहन सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाकर नौ लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। जबकि किसानों पर ऋण का दबाव कम करने के लिए 15000 करोड़ रुपये की ऋण सहायता राशि आवंटित की गई है। केंद्र पहले ही कृषि ऋण पर बैंकों द्वारा लगाए जाने वाले 9 प्रतिशत ब्याज के पांच प्रतिशत हिस्से की सहायता दे रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकारों से अपील की कि वे किसानों को शेष 4 प्रतिशत ब्याज की सहायता अपने खजाने से दें, ताकि किसानों को बगैर ब्याज ऋण प्राप्त हो सके।


 
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