हालात जब तनावग्रस्त होने लगे तो हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की। साथ ही हरियाणा पुलिस से भी कांग्रेसी नेता राहुल गांधी को हरियाणा सीमा में दाखिल होने की गुजारिश की। स्थिति को बिगड़ता देख हरियाणा पुलिस ने भी पुल पर लगाए गए सभी बैरिकेडिंग हटा दिए और राहुल गांधी के काफिले को हरियाणा सीमा में दाखिल होने दिया।
उधर, हरियाणा सीमा में कुमारी सैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा, राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, कुलदीप बिश्नोई, किरण चौधरी पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव समेत कांग्रेस के अधिकतर विधायक राहुल गांधी के स्वागत में खड़े रहे।
हरियाणा सीमा में दाखिल होने के बाद राहुल गांधी के ट्रैक्टर की कमान पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ से हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने संभाल ली। सैलजा ही राहुल गांधी को ट्रैक्टर में बिठाकर हरियाणा की सीमा में लेकर पहुंची। थोड़ी दूर ट्रैक्टर में चलने के बाद राहुल गांधी और हरियाणा के कांग्रेसी नेताओं का काफिला गाड़ियों के माध्यम से रैली स्थल पिहोवा अनाज मंडी रवाना हुआ। रैली स्थल से थोड़ी दूर पहले राहुल गांधी ने भी ट्रैक्टर की कमान संभाल ली और कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के साथ जोश में अनाज मंडी तक पहुंचे।
हरियाणा-पंजाब सीमा पर बनी तनावग्रस्त स्थिति के मद्देनजर हरियाणा पुलिस ने पंजाब पुलिस की गाड़ियों को भी हरियाणा में दाखिल नहीं होने दिया गया। राहुल के काफिले से आगे चल रहा पंजाब पुलिस का काफिला मारकंडा पुल पर सुरक्षा हालातों का जायजा लेने जैसे ही हरियाणा सीमा में दाखिल होने लगा। तभी हरियाणा पुलिस ने पंजाब पुलिस की गाड़ियों को वापस लौटा दिया। पंजाब पुलिस को हरियाणा में आने की अनुमति नहीं दी गई।
पंजाब हेलीकॉप्टर तो हरियाणा ड्रोन से कर रहा था निगरानी
हरियाणा पंजाब की सीमा पर टकराव की आशंका पुलिस को पहले से ही थी। लिहाजा सुरक्षा के मद्देनजर हरियाणा और पंजाब दोनों सूबों की पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए थे। पंजाब पुलिस जो हेलीकॉप्टर के माध्यम से सीमा पर नजर रख रही थी। तो वहीं हरियाणा पुलिस ने ड्रोन में पूरी घटना को कैद किया। अंबाला रेंज के आईजी वाई पूरण कुमार समेत पुलिस की भारी-भरकम फोर्स सीमा पर तैनात रही।
कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना था। हमने राहुल गांधी के काफिले को सिर्फ इसलिए रोका, क्योंकि भारी-भरकम भीड़ हरियाणा में दाखिल होने की कोशिश कर रही थी। जबकि अनुमति सिर्फ 100 लोगों की थी। महामारी के मद्देनजर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन बहुत जरूरी था और आयोजकों को जिला उपायुक्त कुरुक्षेत्र से भी इसी शर्त पर राहुल गांधी के हरियाणा आगमन की अनुमति दी गई थी। मगर पंजाब के कांग्रेसी कार्यकर्ता जबरन हरियाणा में दाखिल होने की जिद पर अड़े थे। - वाई पूरण कुमार, आईजी, अंबाला रेंज पुलिस
राहुल गांधी के हरियाणा दौरे से घबराई क्यों भाजपा-जजपा सरकार। अगर किसानों, मजदूरों, दुकानदारों और आढ़तियों की आवाज उठाना अपराध है तो हम यह अपराध बार-बार करेंगे। पुलिस में हिम्मत है तो राहुल गांधी को हरियाणा में काफिले संग रोक कर दिखाए लाठियां खाने और जेल जाने के लिए भी हम तैयार हैं। राहुल गांधी किसानों की आवाज को बुलंद करने हरियाणा आए थे। मगर हरियाणा सरकार ने उनके साथ-साथ किसानों की आवाज को दबाने की भी नाकाम कोशिश की है। - रणदीप सुरजेवाला, राष्ट्रीय प्रवक्ता कांग्रेस