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कृषि कानूनः पंजाब में किसानों के 'रेल रोको आंदोलन' का 13वां दिन, ट्रेनें बंद और व्यवसाय हुए ठप

Tue, 06 Oct 2020 10:13 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, अमृतसर
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ट्रैक पर डटे किसान - फोटो : एएनआई
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 किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी द्वारा कृषि कानूनों के विरुद्ध देवीदासपुर के रेल ट्रैक पर लगाया धरना मंगलवार को 13वें दिन भी जारी रहा। इस अवसर पर कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार इन कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक किसान रेल ट्रैक पर धरना जारी रखेंगे।
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उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वह बड़े व्यापारिक घरानों के उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए आगे आएं। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि बड़े व्यापारिक घरानों के सभी मॉल और अन्य संस्थान प्रदेश में बंद करवा दिए जाएंगे।

पंधेर ने कहा कि मोदी सरकार किसानों की जमीन अंबानी-अडाणी व्यापारिक समूहों को देने के लिए इस प्रकार के काले कानून थोप रही है। किसानों को यह हरगिज स्वीकार नहीं है। मोदी सरकार को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पंजाब में किसान के पास बहुत कम जमीन है। वह इस जमीन से अपने परिवार का पेट बहुत मुश्किल से पालता है।
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किसान कर्ज में डूबा है, आत्महत्या कर रह है। यह काला कानून किसानों की आर्थिक हालत और खराब कर देगा। वहीं धरने पर बैठे किसानों ने रेलवे ट्रैक पर ही एक बड़ा मंच तैयार कर लिया है, जिस पर बैठ कर किसानों के समर्थन में आने वाले लोग किसानों को संबोधित कर रहे हैं।
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बठिंडा में किसानों का धरना जारी

कृषि कानून के विरोध में मंगलवार को भी किसानों की 31 जत्थेबंदियों का धरना जिले के विभिन्न स्थानों पर जारी रहा। मंगलवार को धरने के दौरान किसानों ने हाथरस की घटनाओं की निंदा की। साथ ही केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवारों को जल्दी इंसाफ देने की मांग की।

भारतीय किसान यूनियन उगराहा के नेता शिंगारा सिंह ने कहा कि किसान विरोधी कानून का विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र सरकार इन्हें वापस नहीं लेती। किसान नेता सुखदेव सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में लगातार दूसरी घटना होने से राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी सोशल मीडिया पर तो बेटियों की सुरक्षा के लिए बडे़ बडे़ दावे करते हैं लेकिन असली सच उक्त घटनाएं सामने ला रही हैं।

किसानों ने रोपड़ में कारपोरेट घराने के स्टोर बंद करवाए
किसान यूनियनों ने मंगलवार को नंगल चौक के पास रेलवे ट्रैक पर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हुईं। इसके बाद किसानों ने शहर में रोष मार्च निकाला जो कारपोरेट घराने के स्टोर तक पहुंचा। किसानों ने प्रदर्शन कर स्टोर बंद करवा दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद थी। पुलिस ने स्टोर का कोई नुकसान नहीं होने दिया और स्टोर बंद करवा दिया। इसके बाद किसान स्टोर के बाहर धरने पर बैठ गए। मौके पर भारतीय किसान यूनियन कादियां के प्रधान हरमीत सिंह कादियां भी पहुंचे।

कादियां ने कहा कि केंद्र सरकार ने कानून रद्द न किया तो किसान सांसद का घेराव करने से पीछे नहीं हटेंगे। यह लड़ाई अब किसान की बजाय हर पंजाबी की हो गई है। सीपीआएम नेता रघुनाथ सिंह ने कहा कि किसानों के खिलाफ यह कानून लागू नहीं होने दिए जाएंगे। किसान नेता रूपिंदर सिंह, प्रगट सिंह ने कहा आने वाले दिनों में कारपोरेट घराने के पेट्रोल पंप भी बंद करवाए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर किसानों ने चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर गांव सोलखियां के पास बने टोल प्लाजा पर भी धरना दिया।
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