चंडीगढ़। डोर टु डोर गारबेज कलेक्टर सोसायटी से समझौता न होने की स्थिति में अब नगर निगम घरों से कूड़ा उठाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के साथ व्यक्तिगत समझौता करेगा। तीन साल की कवायद के बाद सोमवार को नगर निगम सदन की विशेष बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई। कुछ संशोधन के बाद सभी पार्षदों ने कर्मचारियों से व्यक्तिगत समझौते पर अपनी सहमति जता दी। अब मंगलवार से कर्मचारियों के साथ समझौते की प्रक्रिया शुरू होगी। यह समझौता दो साल के लिए लिए होगा। उसके बाद सदन फिर इस समझौते पर चर्चा कर फैसला लेगी।
वर्ष 2018 में तत्कालीन मेयर देवेश मोदगिल के समय डोर टु डोर गारबेज कलेक्टर सोसायटी के साथ समझौते का प्रस्ताव सदन में लाया गया था लेकिन कर्मचारियों में आपसी सहमति नहीं बनी इसलिए अब हर कर्मचारी से व्यक्तिगत समझौता होगा। दो साल के लिए होने वाले समझौते में जिन मांगों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी थी, उसे दूर कर लिया गया है।
निगम आयुक्त केके यादव ने कहा कि फिलहाल सेक्टर-1 से लेकर 30 तक नगर निगम की गाड़ियों से घर-घर से कूड़ा लिया जा रहा है। जल्द अन्य सेक्टरों में भी यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। क्षेत्रीय आयुक्त, एमओएच, मुख्य सफाई निरीक्षक व सफाई निरीक्षक कर्मचारियों के काम पर नजर रखेंगे।
समझौते में निगम व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय
कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों के लिए नियम
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 व उपनियम 2018 के अनुसार ही काम होगा
सुबह 7 बजे से शुरू होगा काम
कर्मचारियों को कहीं भी तैनात किया जा सकता है
31 दिसंबर 2020 तक कर्मचारियों ने किस घर से कितना शुल्क लिया है, इसकी जानकारी निगम को देंगे। इसी आधार पर कर्मचारी का वेतन तय होगा।
चालक परीक्षा पास होने के बाद ही कर्मचारी गाड़ी चला सकेंगे
कूड़े से बिक्री योग्य सामान कूड़ा लेने वाले कर्मचारी ले सकेंगे
कूड़ा लेने वाली की गाड़ी की कोई जवाबदेही कर्मचारी की नहीं होगी
कर्मचारियों को अपने लिए एक अपेक्स कमेटी बनानी होगी
गैरहाजिर होने पर एक दिन के वेतन का 26वां हिस्सा कटेगा
अनुशासन भंग होने या लंबे समय तक छुट्टी पर रहने पर समझौता भंग हो जाएगा
300 घरों से ज्यादा होने पर कर्मचारी दूसरे साथी की मदद ले सकेगा
निगम की जिम्मेदारी
हर माह की 10 तारीख तक कर्मचारियों को वेतन देना होगा
कूड़ा अलग-अलग करने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा
कूड़ा उठाने के लिए पर्याप्त गाड़ियां उपलब्ध करानी होंगी
मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर बनाना
गाड़ियों की मरम्मत व धुलाई की जिम्मेदारी निगम की होगी
टोल फ्री नंबर जारी करना होगा
कर्मचारियों को जैकेट व पहचान पत्र देना होगा
पानी के बिलों के साथ कूड़े का भी बिल भेजना होगा
कर्मचारियों के लिए हर साल 10 लाख रुपये वेलफेयर फंड बनाना होगा
कर्मचारियों के वेतन में हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करनी होगी
कर्मचारियों के लिए हर साल चिकित्सा शिविर लगाना होगा
कर्मचारियों को गुड़, तेल, साबुन, मास्क, ग्लव्ज, सैनिटाइजर, रेनकोट देना होगा
कूड़ा अलग-अलग नहीं देने वाले लोगों पर कार्रवाई करनी होगी
जुर्माने से मिलने वाली 50 प्रतिशत राशि वेलफेयर फंड में जाएगी
कर्मचारियों का बीमा करना होगा