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जाट आंदोलन पर हाई वोल्टेज ड्रामा, पलटी मारी, अब फिर जारी रहेगा आंदोलन

Sat, 18 Mar 2017 09:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जाट नेता यशपाल मलिक
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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन पर विराम लगाने में लगभग कामयाब हो गए खट्टर सरकार के गैर जाट मंत्रियों की मेहनत पर पानी फिर गया है। वीरवार को पानीपत रिफाइनरी गेस्ट हाउस में सरकार और जाट नेताओं की समझौता वार्ता के लगभग 20 घंटे बाद शुक्रवार को पूरा परिपेक्ष्य बदल गया। दोपहर बाद हुए हाई वोल्टेज ड्रामे ने फिर से सियासत गरमा दी। 
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दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक तीन जगह, तीन अलग-अलग प्रेस कांफ्रेंस हुईं। तीन सदस्यीय मंत्री समूह की कमेटी के चेयरमैन शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा दिल्ली में मीडिया से मुखातिब हुए और जाटों की सभी मांगें मानने और जल्द धरने खत्म होने की घोषणा की। वहीं, दिल्ली में सीएम मनोहर लाल के वार्ता व साझा प्रेस कांफ्रेंस न करने से भड़के जाट नेता यशपाल मलिक ने रोहतक में पत्रकार सम्मेलन कर 20 मार्च के दिल्ली कूच में कोई बदलाव न होने का एलान कर डाला। इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरकार का पक्ष रखा। पूरे घटनाक्रम से हैरान मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि  जाट नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस का कोई कार्यक्रम तय नहीं था।

रामबिलास शर्मा सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं, और उन्हें ही जाटों के साथ संयुक्त रूप से समझौते की जानकारी देनी थी। अगर उनका पहले से कार्यक्रम तय होता तो वह पंचकूला और नारनौल के दौरे में फेरबदल करते। जाटों को उनके साथ ही वार्ता करनी है तो वह शनिवार को सोनीपत व दिल्ली में होंगे। उनके दरवाजे बातचीत के लिए खुले हैं। उन्होंने जाटों के यू-टर्न के पीछे राजनीति होने की आशंका भी जताई। साथ ही कहा कि पार्टी के सभी नेता एकजुट हैं और जाट और गैर जाट जैसा कुछ नहीं है। मुख्यमंत्री ने पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को लपेटे में लेते हुए कहा कि वह एक ऐसा उदाहरण बता दें, जिसमें राज्य सरकारों ने सीबीआई केस वापस लिए हों। हुड्डा ने विधानसभा में ये बात उठाई थी, जिस पर उन्होंने तुरंत साक्ष्य देने के लिए कहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाटों के 20 मार्च के दिल्ली कूच को लेकर कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
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ये मानी थी मांगें

- फोटो : File Photo
ये मानी थी मांगें
. हाईकोर्ट से आरक्षण पर फैसला आने के बाद संसद की नौवीं सूची में शामिल करने का आग्रह करेंगे
. केंद्र के आरक्षण के लिए केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री से राजीव जैन मुलाकात कराकर प्रक्रिया शुरू कराएंगे।
. जाट आंदोलन के दौरान 2010 से 2017 केबीच दर्ज मुकदमों की पुन जांच कराई जाएगी
. आंदोलन के दौरान मृतकों और दिव्यांगों के आश्रितों को साठ दिन में स्थायी नौकरी
. जेल में बंद सभी युवकों के केसों की पुन जांच
. 15 दिन में घायलों को मुआवजे का वितरण
. दोषी अधिकारियों को जांच के बाद सजा
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बेदी ने तैयार किया था ड्राफ्ट : सीएम

Manohar Lal Khattar - फोटो : फाइल फोटो
बेदी ने तैयार किया था ड्राफ्ट : सीएम
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि शिक्षा मंत्री रामबिलास की अध्यक्षता में हुई बैठक में सात मांगों पर सहमति बनी थी। राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने जाट नेताओं के सामने ही सभी मांगें मानने का ड्राफ्ट तैयार किया। इसके बाद जाट नेताओं ने 20 मार्च केदिल्ली कूच को स्थगित करने के साथ ही दस स्थानों के अलावा अन्य धरने खत्म करने की हामी भरी। 

प्रशासनिक ढांचे पर जताया भरोसा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जाट आंदोलन को लेकर बदले घटनाक्रम में सीआईडी तंत्र के फेल होने के सवाल पर कहा कि प्रशासनिक ढांचा अपने तरीके से काम कर रहा है। शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। सभी जाति और धर्म केलोगों को साथ लेकर चलना उनका ध्येय है। 
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