चंडीगढ़। बीते दिनों एसी जोशी पुस्तकालय खोलने को लेकर विद्यार्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया था। वीरवार को पुस्तकालय में पढ़ रहे करीब 150 छात्रों को जैसे ही पता चला कि 10 विद्यार्थियों के खिलाफ पीयू ने पुलिस में शिकायत दर्ज की है तो वे सकते में आ गए। उन्होंने केस वापस लेने के लिए वीसी दफ्तर का घेराव करते हुए नारेबाजी की। साथ ही पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए वीसी दफ्तर से लेकर रजिस्ट्रार दफ्तर तक रोष मार्च निकाला।
10 के करीब जिन विद्यार्थियों के खिलाफ शिकायत दर्ज है, पुलिस ने उनके नाम नहीं बताए हैं। वीरवार को एसी जोशी पुस्तकालय के अध्ययन कक्ष में पढ़ रहे विद्यार्थियों को पुस्तकालय खुलवाने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का पता चला। उन्होंने बैठक कर वीसी दफ्तर के घेराव की योजना बनाई। सुबह साढ़े दस बजे के करीब लगभग 150 विद्यार्थियों ने मिलकर वीसी दफ्तर के बाहर पीयू प्रशासन के इस कृत्य को लेकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने कहा पुस्तकालय खुलवाना पीयू प्रशासन का काम है और यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी होने के नाते पुस्तकालय उनका हक है। पीयू प्रशासन विद्यार्थियों की शैक्षणिक व्यव्यस्था में सुधार की मांगों पर उनसे चर्चा करने की बजाय पुलिस को आगे कर देती है। यूनिवर्सिटी में बाहर की पुलिस विद्यार्थियों की समस्याओं का कैसे समाधान करेगी। इस दौरान विद्यार्थियों ने पीयू परिसर में बाहर के पुलिसकर्मियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने मिलकर पीयू वीसी को विद्यार्थियों के खिलाफ करवाई पुलिस शिकायत को वापस लेने की मांग की। विद्यार्थियों ने वीसी के सचिव को इसके लिए ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थियों ने कहा कि अगर शिकायतें वापिस नहीं ली गई तो वो अनिश्चितकाल धरने पर बैठेंगे।
क्या कहते हैं विद्यार्थी
पीयू प्रशासन छात्रों के खिलाफ शिकायत वापस ले
हमें मिली जानकारी के अनुसार 24 मार्च से 2 अप्रैल तक विद्यार्थियों की ओर से लाइब्रेरी खुलवाने को लेकर किए प्रदर्शन में ताला तोड़ने की घटना और डीएसडब्ल्यू का पुतला जलाने को लेकर पुलिस शिकायत हुई है। पिछले एक साल से शिक्षण संस्थान बंद है, ऐसे में उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई है। यूनिवर्सिटी की पुस्तकालय विद्यार्थियों के लिए ही है और पढ़ना उनका हक है। पीयू प्रशासन जल्द विद्यार्थियों के खिलाफ की शिकायत को वापस लें। - प्रिया, पीएचडी शोधकर्ता
चर्चा करने की बजाय पुलिस को आगे करते हैं पीयू अधिकारी
10 के करीब विद्यार्थियों के खिलाफ पीयू प्रशासन ने शिकायत दी है। अभी विद्यार्थियों के नाम नहीं पता चले हैं। प्रशासन की तरफ से विद्यार्थियों के शैक्षणिक हक नहीं देने के कारण उन्हें प्रदर्शन करने पड़ते हैं। पीयू के अधिकारी विद्यार्थियों से चर्चा करने की बजाय यूटी पुलिस को आगे कर देती है। हमारी मांग है कि बाहर के पुलिसकर्मियों की पीयू परिसर में आने पर रोक लगाई जाए। - संदीप , पीएचडी शोधकर्ता
विद्यार्थियों के खिलाफ दी शिकायत, पुलिस जांच कर रही
पीयू के अधिकारी ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया कि उनकी तरफ से विद्यार्थियों के रोष प्रदर्शन को देखकर सुरक्षा के लिहाज से यूटी पुलिस को बुलाया गया था। जिन विद्यार्थियों ने प्रदर्शन के दौरान एसी जोशी लाइब्रेरी का ताला तोड़ा था और दस दिन में हुई अन्य गतिविधियों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करवाई गई थी। उस दौरान मौके पर पुलिस के अधिकारियों में डीएसपी और एसएचओ मौजूद थे। एफआईआर के बारे में पूछने पर बताया कि पुलिस जांच कर रही है, मामले की गंभीरता को देखते हुए वो अपने अनुसार कार्रवाई करेंगे।