यूटी सचिवालय में आज आयोजित होने वाले जन सुनवाई सत्र में प्रशासक शिवराज पाटिल 16 लोगों की शिकायतें सुनेंगे।
लगभग ढाई महीने बाद आयोजित हो रहे इस जन सुनवाई सत्र के लिए प्रशासन के आईटी विभाग के पास 26 लोगों की शिकायतें पहुंची थीं। इनमें से 16 लोगों की शिकायतों को प्रशासन ने जन सुनवाई सत्र के लिए शार्टलिस्ट किया है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी पाटिल से मिलने का समय मांगा था, लेकिन इस बार उन्हें समय नहीं दिया गया। इसका कारण यह है कि जो ज्ञापन उन्होंने पाटिल को देना है, उसकी प्रति आईटी विभाग के पास देरी से आई थी।
इससे पहले जन सुनवाई सत्र का आयोजन 21 अक्तूबर को हुआ था जिसमें आठ लोगों की शिकायतें पहुंची थीं। पाटिल के व्यस्त रहने के कारण नवंबर और दिसंबर के पहले और तीसरे सोमवार को जन सुनवाई सत्र नहीं हुआ।
पाटिल के जन सुनवाई सत्र में आने वाले शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़ने का कारण जन सुनवाई सत्र के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ना है।
प्रशासन अब इस सत्र के मिनट्स रिकॉर्ड कर रहा है और एक्शन टेकन रिपोर्ट बननी भी शुरू हो गई है। इसके आदेश पाटिल ने दिए थे। पहले ऐसा नहीं होता था।
इससे पहले सत्र में आने वाले लोगों की शिकायतों का निपटारा करने के लिए पाटिल की ओर से दिए गए निर्देश के बाद भी उनका समाधान नहीं होता था। पाटिल ने अब खुद पिछले सत्र की एक्शन टेकन रिपोर्ट देखनी शुरू कर दी है। अक्तूबर से पहले जितने भी जन सुनवाई सत्र हुए उसमें तीन या चार शिकायतकर्ता ही पहुंचे थे।