तीन राज्यों में कांग्रेस की बढ़त के बाद हरियाणा की भाजपा सरकार के लिए मुसीबतें बढ़ गई हैं। सूबे में चार साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी भाजपा सरकार के पास अब जनता के लिए जवाबदेही का समय है। ऐसे में तीन राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव नतीजे कांग्रेस के खाते में आने का सीधा असर हरियाणा पर पड़ेगा।
16 दिसंबर को हरियाणा में मेयर चुनाव के लिए मतदान है। इस बार मेयर का चुनाव भी सीधे हो रहा है। अभी तक मेयर का चुनाव पार्षदों के माध्यम से होता था, जिसमें सत्ताधारी दल अपना मेयर बनाने में कामयाब हो जाते थे, लेकिन इस बार यह डगर भी आसान नहीं होगी। मेयर का सीधा चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन जाएगा। कांग्रेस और अन्य दल इस चुनाव में हावी होने का प्रयास करेंगे, क्योंकि उनकी अगली रणनीति भी इसी चुनाव के माध्यम से बनेगी।
इसके अलावा मेयर चुनाव को लोकसभा चुनाव के साथ जोड़ना भी गलत नहीं होगा। हरियाणा में लोकसभा की दस सीटों पर भाजपा के खाते में इस चुनाव में सात सीटें आई थीं। उस समय देश में मोदी की लहर थी। अब 2019 में लोकसभा चुनाव होना है। वर्तमान में सरकार के गठन के साथ ही कार्यकर्ता यह कहते रहे हैं कि अफसरशाही हावी है, धड़ाधड़ तबादले कर रही सरकार आज भी तबादले कर रही है। अब जनता सरकारी योजनाओं का रिजल्ट पूछेगी। लिहाजा भाजपा के लिए अब यह एक साल का काम करने का होगा। नई रणनीति के तहत मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मैदान में उतरना होगा।
हरियाणा में कांग्रेस की मजबूरी बन सकते हैं हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भाजपा ने भले ही मुकदमों का बोझ लाद दिया है, लेकिन तीन राज्यों के नतीजों के बाद आलाकमान के लिए हुड्डा का चेहरा आगे करना मजबूरी बन सकता है। वजह साफ है कि वाड्रा और हुड्डा का नाम लेकर सत्ता में आई भाजपा अभी तक मुकदमे लादने के अलावा हुड्डा के खिलाफ कोई सूबत पेश नहीं कर पाई है। अभी तक हुड्डा को जेल भेजने के भाजपा मंसूबे भी पूरे नहीं हुए हैं।
हुड्डा और तंवर में बढ़ेगी खींचतान
आने वाले समय में हरियाणा कांग्रेस की कमान को लेकर हुड्डा और तंवर खेमे में खींचतान बढ़ेगी। दोनों धड़े एक दूसरे के खिलाफ कई बार खुल कर आलाकमान से बोल चुके हैं। निगम चुनाव में सिंबल पर लड़े जाने को लेकर भी मतभेद खुल कर सामने आया था। अगर आने वाले समय में भी हालात यही रहे तो कांग्रेस को इसका नुकसान होगा। लिहाजा आलाकमान के लिए यह विवाद सुलझाना अब निर्णायक होगा।