इस दौरान कौशिक ने पाकिस्तान और भसीन ने अफगानिस्तान की स्थिति पर प्रकाश डाला। कौशिक ने बताया कि पाकिस्तान अपने बजट का बड़ा हिस्सा सेना पर खर्च कर रहा है और आतंकवादी गुटों का वह शुरू से प्रायोग रहा है। हालांकि कभी इन गुटों को उसकी फंडिंग कम होती है और कभी ज्यादा लेकिन यह उनकी नीति का भाग रहा है। भसीन ने अफगानिस्तान में तालिबान सरकार आने से ड्रग माफिया में हुए शिफ्ट पर प्रकाश डाला और कहा कि सुरक्षा के नजरिये से पूर्वी क्षेत्र भारत के लिए अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। म्यांमार और बांग्लादेश में फैली अशांति नशा तस्करों के लिए सुरक्षित जगह बनी है। साथ ही उन्होंने बताया कि अफगानी भारतीयों को मित्र की तरह देखते हैं और उनका यह नजरिया ऐतिहासिक और अन्य कारणों से है। भारतीयों के प्रति उनके मन में सम्मान है।
बिजनेस और मेडिकल वीजा पर भारत आ सकेंगे अफगानी -
संवाददाता ने पैनल से तालिबान की सरकार आने के बाद अफगानियों को भारत आने में आ रही समस्या को लेकर प्रश्न पूछा गया। इस पर भसीन ने कहा कि 2021 में तालिबान की सरकार आने के बाद सुरक्षा और अन्य कारणों से वहां के लोगों को भारत ने वीजा देने बंद किए थे। इनमें से एक कारण यह भी था कि पाकिस्तानी अफगान के पासपोर्ट के जरिए भारत आ सकते थे। हालांकि अब उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय द्वारा हाल ही में बिजनेस और मेडिकल कारणों के लिए अफगान के लोगों को वीजा देना जल्द शुरू कर दिया जाएगा।