व्हीलचेयर पर बैठे मोनू सिंह की आवाज शुक्रवार रात पाकिस्तानी हमले की दास्तां सुनाते-सुनाते कांपने लगती है, लेकिन अगले ही पल वह पूरे जोश के साथ कहते हैं...इनको (पाकिस्तान) सबक सिखाने का मौका मिला तो सेना के साथ खड़े होने से पीछे नहीं हटेंगे।
मोनू सिंह कहते हैं, अब नई जिंदगी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। खेती का काफी काम बाकी है। ठीक होते ही खेत में जुट जाएंगे। धान की रोपाई करनी है। फिरोजपुर-फाजिल्का मार्ग पर सीमावर्ती गांव खाईफेमिकी में 9 मई की रात को ड्रोन हमले में उनके घर का आधा हिस्सा बर्बाद हो गया। कार जल गई और मोनू सिंह समेत उनके परिवार के तीन लोग झुलस गए। लेकिन, वह अब भी दुश्मन से टकराने को तैयार हैं। उनकी माता सुखविंदर कौर और पिता लखविंदर सिंह का भी इलाज चल रहा है। मोनू सिंह कहते हैं, उम्मीद है कि पाकिस्तान संघर्षविराम का पालना करेगा।
खौफ के मारे जागकर काटीं रातें, बाजार खुले
खाईफेमिकी गांव के लोगों ने दो रातें जाग कर ही काटी हैं। ड्रोन की आवाज से गांव सहम उठता था। अवतार सिंह, उपल कुमार, संदीप कुमार, सोनी बजाज और सैनी ने कहा, हम अपने बच्चों एवं परिवार की महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर भेज रहे थे। हर ओर दहशत का माहौल था। लेकिन, भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद राहत की सांस ली है। अब खाईफेमिकी के बाजार पूरी तरह खुले गए हैं। लोग आम दिनों की तरह खेतों में काम कर रहे हैं। जो लोग गांव छोड़कर चले गए थे, वे भी अब लौटने लगे हैं।
- खाईफेमिकी के बलजीत सिंह, जोगिंदर सिंह और जसविंदर कौर ने बताया, वे दहशत के मारे पास के गांव में अपने रिश्तेदार के यहां चले गए थे। लेकिन, सीजफायर की घोषणा के बाद वापस अपने गांव लौट आए हैं, क्योंकि खेती का सारा काम बाकी है। खेत तैयार करना है। उम्मीद है कि अब शांति रहेगी और उन्हें दोबारा गांव नहीं छोड़ना पड़ेगा।
-जोगिंदर सिंह भोला, खाईफेमिकी गांव, फिरोजपुर
शुक्रवार की रात को धमाकों से दहले गुरदासपुर के गांव राजू बेला में रविवार की सुबह आम दिनों की तरह ही हुई। न सायरन की आवाज, न धमाकों की गूंज। सब कुछ सामान्य। घर की दीवारें और छतें भले ही धमाकों से दरक गईं हों, लेकिन लोगों का हौसला कायम है। सीजफायर की घोषणा के बाद गांव के लोगों के चेहरे पर सुकून साफ देखा जा सकता है।
गांव राजू बेला के भगवंत सिंह कहते हैं...जंग किसी समस्या का समाधान नहीं होती, लेकिन पाकिस्तान जैसे मुल्क को सबक सिखाना भी जरूरी है। अगर पाकिस्तान फिर कोई नापाक हरकत करता है, तो हम सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे। हमने प्रशासन से मांग की है कि खेतों में जो बड़ा गड्ढा बना है, उसे जल्द भरा जाए, ताकि किसानों को दोबारा खेती करने में दिक्कत न हो। खेतों में पानी लगाने की अनुमति भी दी जाए।
-मनन सैनी, गांव राजू बेला, गुरदासपुर से