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सुनो सरकार! रामपाल 'निपटे', अब 'सच्चा सौदा' देखो

Fri, 21 Nov 2014 04:07 PM IST
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में संत रामपाल की चुनौती से निपटने के बाद राहत की सांस ले रही हरियाणा सरकार के लिए अभी मुसीबतों का दौर कम नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक नए साल के मध्य तक सिरसा के रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट का फैसला आ सकता है। इस मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम पर भी षड्यंत्र के आरोप हैं।
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हालांकि यह उस समय के फैसले पर निर्भर करेगा कि कोर्ट क्या फैसला देती है। लेकिन सीबीआई ने अपनी तरफ से तैयारी पूरी कर ली है। हत्या के दो मामलों में सिरसा डेरा प्रमुख पर षड़यंत्र के आरोप हैं।
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मसला इस समय फाइनल स्टेज पर

रंजीत हत्याकांड में सीबीआई की ओर से गवाही हो चुकी हैं। जबकि रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी सभी गवाही पूरी हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक यह मसला इस समय फाइनल स्टेज पर है। चूंकि विधानसभा चुनाव में भाजपा डेरे की मदद ले चुकी है, लिहाजा फैसले के समय भाजपा धर्मसंकट में फंस सकती है।

माना जा रहा है कि सतलोक आश्रम से सबक लेते हुए खट्टर सरकार और हरियाणा पुलिस ने डेरों की स्थितियों का अभी से आकलन करना शुरू कर दिया है। खट्टर सरकार अपनी पहली चुनौती से निपटने में तो कामयाब हो गई है लेकिन आने वाले समय में सरकार को कब क्या चुनौती झेलनी पड़ जाए। इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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रामपाल की गिरफ्तारी में सरकार को कटु अनुभव

रामपाल की गिरफ्तारी में सरकार को कटु अनुभव का सामना करना पड़ा है। आश्रम के अंदर चलने वाली गतिविधियों का पहले से पता न होने के कारण सरकारी तंत्र को इस मामले में फजीहत का सामना करना पड़ा है। लेकिन भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस का खुफिया तंत्र अभी से तैयारी में जुट गया है। मालूम हो कि हाईकोर्ट ने वीरवार को एमिकस क्यूरी से कहा है कि पंजाब और हरियाणा में ऐसे धार्मिक स्थान बताएं। जहां पर अवैध हथियार हो सकते हैं।

हालांकि राज्य पुलिस के मुखिया एसएन वशिष्ठ पत्रकार वार्ता में इस सवाल को फैसले की कॉपी का हवाला दे कर टाल गए। उच्च न्यायालय द्वारा हरियाणा में अन्य डेरों की जांच के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उच्च न्यायालय की प्रति उन्हें अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। प्रति प्राप्त होने के बाद ही वे इस मामले में कोई टिप्पणी कर सकेंगे। उधर, पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक बरवाला में हुए कांड के बाद पुलिस के लिए ऐसे डेरों की खुफिया जानकारी लेना मजबूरी होगी।
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