चंडीगढ़ के धनास में देश के सबसे बड़े रावण दहन और दशहरा उत्सव में यूटी प्रशासक और पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर मुख्य अतिथि थे। शाम करीब 7.15 बजे रावण दहन के बाद लोगों की भारी भीड़ सड़कों पर इकट्ठी हो गई। इसके बाद गवर्नर का काफिला ग्राउंड से बाहर निकला। इस दौरान गवर्नर का काफिला ग्राउंड से निकलकर मुल्लांपुर बैरियर को ओर निकला।
ध्यान देने वाली बात है कि इस दौरान यह काफिला रांग साइड से था। इस दौरान वहां पर काफिले के लिए रास्ता खाली करवा दिया गया। जैसे ही काफिला वहां से गुजरा तो लोगों के वाहन जम फंस गए। इस जाम में वाहन चालक कई घंटे फंसे रहे। मुल्लांपुर बैरियर से पीजीआई तक गाड़ियां रेंगती हुई दिखाई दीं। बता दें कि मंगलवार को धनास में 221 फुट के रावण का दहन किया गया। यहीं पर गवर्नर वीपी सिंह बदनौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे।
धनास में मंगलवार सुबह से ही लोग दूर दराज से इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। इसके चलते ग्राउंड के चारों ओर काफी भीड़ इकट्ठी हो गई। शाम को दहन के बाद वहां से लोगों ने एकाएक जाना शुरू कर दिया। इसी बीच गवर्नर का काफिला भी निकलने लगा। इसके बाद पुलिस भी सतर्क हो गई और सड़कों से लोगों की भीड़ साइड कर काफिले को बाहर निकलवाया। इस दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी थी। जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे।
ड्रोन और कैमरे से निगरानी
दशहरे के पर्व को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने जगह-जगह नाके के साथ चेकिंग भी तेज कर दी थी। धनास ग्राउंड में 50 से 80 हजार लोग मौजूद थे। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर व्यवस्था कड़ी कर दी थी। मैदान में गवर्नर और दशहरा उत्सव देखने आए लोगों की सुरक्षा के लिए 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। पुलिस की ओर से ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही थी। जगह-जगह पुलिस की बैरिकेडिंग के साथ ही दो वज्र भी मैदान के पास ख़ड़े थे। इसके अलावा कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई।